Monday, October 5, 2026

कैंसर सिर्फ खराब लाइफस्टाइल से नहीं होता, शरीर में छुपा इन्फेक्शन भी बन सकता है वजह, जानिए ये जरूरी बातें

Health Desk: कैंसर का नाम सुनते ही हम अक्सर तंबाकू, शराब या खराब लाइफस्टाइल को जिम्मेदार मान लेते हैं. लेकिन अब एक नई रिपोर्ट ने इस सोच को थोड़ा बदल दिया है. हालिया स्टडी के मुताबिक, दुनिया में हर 8 में से 1 कैंसर केस किसी इन्फेक्शन की वजह से होता है. साल 2024 में ऐसे करीब 23 लाख नए मामले सामने आए हैं. यानी कई बार एक छोटी सी बीमारी भी बड़े खतरे में बदल सकती है.

रिपोर्ट में सामने आया

मेडिकल जर्नल The Lancet Oncology की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि करीब 12 प्रतिशत कैंसर मामलों के पीछे इन्फेक्शन का हाथ है. इसका मतलब है कि शरीर में मौजूद कुछ वायरस और बैक्टीरिया लंबे समय तक रहकर धीरे-धीरे नुकसान करते हैं. खास बात यह है कि शुरुआत में इनके लक्षण बहुत हल्के होते हैं, इसलिए लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं.

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ये 5 इन्फेक्शन अधिक जिम्मेदार

रिसर्च में कई तरह के इन्फेक्शन की जांच हुई, लेकिन 5 ऐसे हैं जो सबसे ज्यादा कैंसर से जुड़े पाए गए. पहला है H. pylori बैक्टीरिया, जो पेट में रहता है और पेट के कैंसर का खतरा बढ़ाता है. दूसरा HPV वायरस, जो खासकर महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का बड़ा कारण है, लेकिन पुरुषों को भी प्रभावित कर सकता है.

तीसरा और चौथा हेपेटाइटिस B और C, जो लिवर को धीरे-धीरे खराब करते हैं और लिवर कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं. पांचवा Epstein-Barr वायरस, जो गले, पेट और कुछ खास तरह के कैंसर से जुड़ा है. ध्यान देने वाली बात यह है कि ये इन्फेक्शन आम हो सकते हैं. लेकिन जब ये लंबे समय तक शरीर में रहते हैं, तब खतरा बढ़ जाता है.

इन्फेक्शन से कैंसर 

अब इसे आसान तरीके से समझते हैं. जब शरीर में कोई इन्फेक्शन लंबे समय तक रहता है, तो वह हमारी कोशिकाओं को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है. इससे शरीर में सूजन बनी रहती है. यह सूजन जल्दी ठीक नहीं होती. धीरे-धीरे कोशिकाओं का काम बिगड़ने लगता है. उनमें बदलाव आने लगते हैं. यही बदलाव आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकते हैं. यानी हर इन्फेक्शन कैंसर नहीं बनता, लेकिन लंबे समय तक रहने वाला इन्फेक्शन खतरनाक हो सकता है.

क्यों बढ़ रहा खतरा

रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे 77 प्रतिशत मामले गरीब और मध्यम आय वाले देशों में हैं. वजह साफ है. यहां समय पर जांच, वैक्सीन और इलाज हर किसी तक नहीं पहुंच पाता. कई लोग पेट दर्द, खांसी, कमजोरी या ब्लीडिंग जैसी समस्याओं को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी बीमारी बन सकती है. इसके अलावा साफ-सफाई की कमी, सुरक्षित इलाज की सुविधा का अभाव और जागरूकता की कमी भी बड़ी वजह है.

बचाव कैसे करें

अच्छी बात यह है कि इन इन्फेक्शन से बचाव किया जा सकता है. HPV और हेपेटाइटिस B के लिए वैक्सीन उपलब्ध है, जो बड़े खतरे को पहले ही कम कर सकती है. हेपेटाइटिस C का इलाज दवाइयों से संभव है, अगर समय पर पता चल जाए. नियमित हेल्थ चेकअप बहुत जरूरी है, खासकर अगर कोई परेशानी लंबे समय तक बनी रहे. साफ पानी पीना, साफ खाना खाना और सुरक्षित तरीके अपनाना भी जरूरी है. अगर शरीर में लंबे समय तक खांसी, पेट दर्द, वजन कम होना, थकान या असामान्य ब्लीडिंग हो, तो इसे नजरअंदाज न करें. तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.

कैंसर सिर्फ खराब आदतों की वजह से नहीं होता. कई बार यह शरीर में छुपे इन्फेक्शन से धीरे-धीरे शुरू होता है. इसलिए जरूरी है कि हम छोटी बीमारी को भी हल्के में न लें. समय पर जांच, सही जानकारी और थोड़ी सी सावधानी हमें इस बड़े खतरे से बचा सकती है.

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