Saturday, September 12, 2026

रिम्स डीआईजी ग्राउंड मामले में पूर्व सीओ, सीआई समेत कई पदाधिकारियों ने एसीबी में दर्ज कराया बयान

रांची : रिम्स के डीआईजी ग्राउंड समेत आसपास की अधिग्रहित जमीन पर अवैध अतिक्रमण लेकर सरकारी जमीन को अवैध तरीके से बेचने और उस पर कब्जा करने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. इस घोटाले की जांच के दौरान एसीबी मुख्यालय आकर कई पूर्व सीओ, सीआई समेत कई पदाधिकारियों ने केस के अनुसंधानकर्ता डीएसपी स्तर के अधिकारी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है.

जांच के दायरे में कई बड़े नाम

एसीबी ने रांची के भूमि सुधार उप-समाहर्ता (एलआरडीसी) कार्यालय के उन कर्मचारियों को भी नोटिस जारी किया गया है, जिनकी भूमिका संदिग्ध फाइलों को आगे बढ़ाने में पाई गई है. जांच की रडार पर केवल अफसर ही नहीं, बल्कि जमीन के खेल के स्थानीय अमीन और राजस्व कर्मचारी और रजिस्ट्री के दस्तावेजों में गवाह बनने वाले जमीन दलाल भी शामिल है. वे बिचौलिए जिन्होंने फर्जी कागजात तैयार करने में मुख्य भूमिका निभाई.

1993 से चल रहा था अवैध कब्जे का खेल

एसीबी की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. सूत्रों के अनुसार, रिम्स की जमीन का अधिग्रहण काफी पहले हो चुका था और इसके तमाम पुख्ता दस्तावेज सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज थे. इसके बावजूद, साल 1993 के बाद से बड़े पैमाने पर इस जमीन पर अवैध कब्जे और रजिस्ट्री का खेल शुरू हुआ.

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एयर नाऊ स्पेशल

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