सरायकेला: झारखंड का औद्योगिक क्षेत्र आदित्यपुर एक बार फिर गोलियों की गड़गड़ाहट से थर्रा उठा। सोमवार देर रात मांझी टोला में वर्चस्व की जंग खूनी संघर्ष में बदल गई। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार (होटवार) में बंद कुख्यात अपराधी कृष्णा गोप के शूटर आशीष दीप को निशाना बनाकर विरोधी गुट ने करीब सात राउंड फायरिंग की। इस हमले में आशीष तो बाल-बाल बच गया, लेकिन उसका साथी राजवीर सिंह उर्फ लालू गंभीर रूप से घायल हो गया।
Highlights:
बीच सड़क पर गोलीबारी
मिल जानकारी के अनुसार, देर रात दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई। हथियारबंद हमलावरों ने आशीष दीप को देखते ही मोर्चा खोल दिया। जान बचाने के लिए जब आशीष और राजवीर बाइक पर सवार होकर भागने लगे, तो हमलावरों ने पीछे से फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली बाइक चला रहे राजवीर की कमर के निचले हिस्से में जा लगी। घायल अवस्था में उसे तुरंत टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम देर रात तक ऑपरेशन कर गोली निकालने और उसकी जान बचाने में जुटी रही।
जेल की रंजिश का बदला
पुलिस की प्राथमिक जांच में इस हमले के तार जेल से जुड़े पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि जब आशीष और राजवीर जेल में थे, तब उनका विवाद अपराधी संजय सरकार से हुआ था। पुलिस का मानना है कि उसी खुन्नस का बदला लेने के लिए संजय सरकार के बेटे शुभम सरकार ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस पूरी वारदात की साजिश रची और आशीष को खत्म करने की कोशिश की।
अपराधियों का गढ़ बना इलाका
इस हमले में शामिल दोनों ही पक्षों का गहरा आपराधिक इतिहास रहा है, जो इलाके में असुरक्षा की भावना को बढ़ाता है।
आशिष दीप: यह 12 जून 2022 को मांझी टोला में हुए आकाश गोप हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। एक साल पहले ही जेल से बाहर आया है।
राजवीर सिंह: यह 2 मई 2021 को हुए बहुचर्चित बाबू गोप हत्याकांड में शामिल रहा है और फिलहाल जमानत पर बाहर था।
हमलावर पक्ष: शुभम सरकार के पिता संजय सरकार का भी लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। जेल से शुरू हुई यह दुश्मनी अब सड़क पर खून बहा रही है, जिसने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

