रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3200 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की करीबी व उपसचिव रहीं सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया है। ईडी ने शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉड्रिंग मामले में उन्हें समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया था। लंबी पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा करते हुए मंगलवार देर शाम उनकी गिरफ्तारी की। आज बुधवार उन्हें विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी उनकी रिमांड की मांग कर सकती है।
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सूत्रों के अनुसार, सौम्या चौरसिया पर शराब कारोबार में अवैध वसूली, कमीशनखोरी और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के गंभीर आरोप हैं। ईडी का कहना है कि पूछताछ के दौरान घोटाले की राशि के लेन-देन और उससे जुड़े नेटवर्क को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। इससे पहले वह 570 करोड़ रुपये के कथित कोयला घोटाले के मामले में भी जेल जा चुकी हैं।
कौन है सौम्या चौरसिया
2008 में राज्य सेवा के लिए चयनित सौम्या भूपेश बघेल की करीबी रहीं। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तीन दिन बाद ही भूपेश बघेल ने उन्हें अपना उपसचिव बना दिया था। कोरबा के एक मध्यम परिवार में जन्मी सौम्या तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी हैं। 2008 में सीजीपीएसी की परीक्षा पास करने व 2011 में ट्रेंनिंग के बाद उन्हें सबसे पहले पेंड्रा और बिलासपुर में एसडीएम के पद पर पोस्टिंग मिली। 2011 में उनका ट्रांसफर दुर्ग जिले में हुआ। वहां वह भिलाई और पाटन की एसडीएम रहीं। भूपेश सरकार के दौरान सौम्या को प्रदेश की सबसे अधिक प्रभावशाली और ताकतवर अधिकारी माना जाता था।


