विदेश : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लगभग एक महीने बाद उनकी बहन डॉ. उजमा खातून से मिलने की अनुमति मिल गई है। मंगलवार को जेल प्रशासन ने डॉ. उजमा को अदियाला जेल परिसर के अंदर बुलाया, जहां उनकी मुलाकात इमरान खान से कराई जाएगी। इमरान की अन्य बहनें भी जेल पहुंचीं, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें फिलहाल मिलने की इजाजत नहीं दी गई है।
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जेल परिसर में हाई अलर्ट
अदियाला जेल के बाहर हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। जेल तक जाने वाले सभी प्रमुख रास्ते कंटेनरों और ट्रकों से ब्लॉक कर दिए गए हैं। पुलिस और रेंजर्स की अतिरिक्त तैनाती की गई है। हर आने-जाने वाले की कड़ी तलाशी ली जा रही है। केवल अधिकृत लोगों को ही जेल परिसर के करीब जाने दिया जा रहा है।रावलपिंडी में धारा 144 लागू है, जिसके चलते भीड़ जमा करने, जुलूस या रैली की अनुमति नहीं है। पेशावर में भी इसी तरह के प्रतिबंध और सुरक्षा कदम उठाए गए हैं।
‘शूट एट साइट’ आदेश ने बढ़ाया तनाव
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रावलपिंडी और पेशावर के प्रशासन ने ‘शूट एट साइट’ यानी जरूरत पड़ने पर सीधे गोली चलाने तक के आदेश जारी किए हैं। इसका मतलब है कि यदि कोई भीड़ हिंसक होती है या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करती है, तो सुरक्षा बलों को कठोर कार्रवाई की छूट है। यह आदेश स्थिति की गंभीरता और संभावित खतरे को दर्शाता है।
पुलिस-सपोर्टर्स में तनातनी
कड़े प्रतिबंधों के बावजूद बड़ी संख्या में PTI समर्थक अदियाला जेल के बाहर इकट्ठा हो गए हैं। समर्थक लगातार विरोध नारे लगा रहे हैं। पुलिस और रेंजर्स उन्हें पीछे हटाने की कोशिश कर रहे हैं। जगह-जगह हल्की धक्का-मुक्की और बहस की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
इमरान खान की दूसरी बहन अलीमा खान की याचिका खारिज
इमरान खान को बहन से मुलाकात की अनुमति मिलने से पहले उनकी दूसरी बहन अलीमा खान को अदालत से बड़ा झटका लगा। रावलपिंडी की आतंकवाद-रोधी अदालत (ATC) ने उनकी वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आतंकवाद के आरोप हटाने की मांग की थी।
अलीमा खान पर क्या आरोप हैं?
नवंबर 2024 में PTI की एक बड़ी रैली के दौरान हुई झड़पों और विरोध प्रदर्शन को लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। FIR में आरोप अवैध तरीके से प्रदर्शन करना, सरकार-विरोधी नारे लगाना, पुलिस पर पथराव और तोड़फोड़ की। उन पर आतंकवाद-रोधी अधिनियम (ATA) की धारा-7 भी लागू की गई है। अलीमा खान ने कहा था कि शांतिपूर्ण विरोध को आतंकवाद से नहीं जोड़ा जा सकता, लेकिन अदालत ने उनकी दलील को खारिज कर दिया।
इमरान खान और उनका परिवार, लगातार दबाव में
इमरान खान इन दिनों अदियाला जेल में कई मामलों में सजा और विभिन्न सुनवाईयों का सामना कर रहे हैं। उनकी पार्टी PTI पर भी लगातार दबाव बना हुआ है और कई नेताओं तथा समर्थकों पर कार्रवाई जारी है। उनकी दोनों बहनों (अलीमा और उजमा) को भी कानूनी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात को देखते हुए यह साफ है कि इमरान खान और उनका परिवार वर्तमान राजनीतिक संकट के केंद्र में बना हुआ है, जबकि अदालतें और प्रशासन सख्त रुख बनाए हुए हैं।



