पटना : नीट-यूजी की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की मौत के मामले में पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित हॉस्टल संचालक पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने स्पष्ट किया है कि संबंधित हॉस्टल का लाइसेंस रद्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हॉस्टल प्रशासन ने घटना की सूचना समय पर पुलिस को नहीं दी, जो गंभीर लापरवाही है।
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डीजीपी के अनुसार, किसी भी हॉस्टल की जिम्मेदारी होती है कि सामान्य से सामान्य घटना की जानकारी भी तुरंत थाने को दी जाए। लेकिन, इस मामले में पुलिस को सूचना देने में काफी देरी हुई, जिसे गंभीर चूक माना गया है। उन्होंने कहा कि हॉस्टल संचालिका को भविष्य में पटना में किसी भी तरह का हॉस्टल संचालन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पीड़िता के गांव से शुरू हुई ‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’
इधर, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को पीड़िता के गांव से ‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ की शुरुआत की गई। इस यात्रा का नेतृत्व घोसी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रामबली यादव कर रहे हैं।
रामबली यादव ने बताया कि यह न्याय यात्रा अरवल, जहानाबाद, नालंदा और औरंगाबाद से होते हुए 10 फरवरी को पटना पहुंचेगी और विधानसभा के द्वार पर समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि बिहार में बेटियों और महिलाओं के खिलाफ लगातार गंभीर अपराध सामने आ रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
एक और नीट छात्रा की संदिग्ध मौत से बढ़ी चिंता
इस मामले के अलावा पटना के एक अन्य हॉस्टल में एक और नीट छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। मृतका के परिवार वालों ने घटना को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई हैं। हालांकि पुलिस दोनों ही मामलों को आत्महत्या मान रही है, लेकिन पीड़ित परिवार निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग पर अड़े हैं।


