रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन प्रश्नकाल के साथ शुरू हुआ। सदन में बाजार समितियों में कर्मचारियों की कमी, जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2026 की अधिकतम आयु सीमा और पीडीएस व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। विभिन्न विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाए, जिन पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया।
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बाजार समितियों में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा
प्रश्नकाल की शुरुआत में विधायक सरयू राय ने बाजार समितियों में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि रिक्त पदों के कारण समितियों का काम प्रभावित हो रहा है। इसके जवाब में प्रभारी मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि वर्तमान में जितने कर्मचारी कार्यरत हैं, वे पर्याप्त हैं और उनसे किराया वसूली का कार्य लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर रिक्त पदों को भरा जाएगा। इस पर सरयू राय ने सरकार से पूछा कि क्या वह बाजार समितियों की आवश्यकता को नहीं समझती। सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि ऐसा नहीं है और बाजार समितियों को विकसित करने पर विचार किया जा रहा है।
JPSC सिविल सेवा परीक्षा में उम्र सीमा पर चर्चा
सदन की कार्यवाही के दौरान कई विधायकों ने झारखंड लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2026 में अधिकतम आयु सीमा की गणना का मुद्दा उठाया। बताया गया कि पिछली सिविल सेवा परीक्षा में अधिकतम आयु सीमा की कट-ऑफ तिथि 1 अगस्त 2017 रखी गई थी, जबकि इस बार 1 अगस्त 2026 कर दी गई है। इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो रहे हैं। सदन को यह भी बताया गया कि कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से उन्हें आवेदन करने की राहत मिली। इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि इस विषय पर हाल ही में कैबिनेट बैठक में चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि यह गंभीर मामला है और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन भी इस पर गंभीर हैं। जो अभ्यर्थी हाईकोर्ट नहीं जा सके हैं, उनके मामले पर भी कोर्ट के आदेश के अनुरूप विचार किया जाएगा।
पीडीएस व्यवस्था और राशन वितरण की समस्या
लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने पीडीएस डीलरों द्वारा राशन वितरण में अनियमितता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सुदूर क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के कारण लोगों को राशन नहीं मिल पा रहा है। साथ ही आरोप लगाया कि कई डीलर नियमित रूप से अनाज नहीं देते, जिससे लाभुकों को परेशानी होती है और उन्हें डीलर के भरोसे रहना पड़ता है। उन्होंने इस व्यवस्था की सख्त मॉनिटरिंग की मांग की। इसके जवाब में खाद्य आपूर्ति मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि पहले पीडीएस डीलरों के पास 2जी सपोर्ट वाली मशीनें थीं, जिन्हें अब 4जी में अपग्रेड कर दिया गया है ताकि नेटवर्क की समस्या कम हो। उन्होंने कहा कि अगर किसी प्रकार की शिकायत मिलती है तो सरकार कार्रवाई करती है और आगे भी सख्ती से कदम उठाए जाएंगे।


