हजारीबाग : हजारीबाग में खासमहाल वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री मामले में जेल में बंद नेक्सजेन के मालिक विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह की जमानत याचिकाओं पर सोमवार को हजारीबाग स्थित एसीबी विशेष अदालत में अलग-अलग सुनवाई हुई. कोर्ट ने अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. विनय सिंह ने नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की है तो वहीं उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह ने अग्रिम जमानत के याचिका दायर किया है.
सुनवाई के दौरान ACB की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने तर्क दिया कि विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह पर आरोप गंभीर हैं और उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, ऐसे में जमानत मिलने से जांच प्रभावित हो सकती है. वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता शंकर बनर्जी ने कोर्ट में कहा कि जमीन की खरीद वैध दस्तावेजों के आधार पर हुई है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया. बता दें कि यह मामला साल 2010 का है. इस दौरान जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे हजारीबाग जिले के उपायुक्त थे. इस मामले में वह भी आरोपी हैं और फिलहाल जेल में बंद हैं.
कहा जा रहा है कि विनय चौबे के कार्यकाल में वन भूमि को गलत तरीके से निजी नाम पर खरीदा-बेचा गया और म्यूटेशन में भी गंभीर अनियमितताएं बरती गईं. इसे कई लोगों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया, जिसमें कारोबारी विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह के नाम पर लगभग एक एकड़ जमीन खरीदे गये. ACB की जांच के अनुसार, यह जमीन हजारीबाग सदर अंचल के थाना नंबर 252, मौजा बभनवे, हल्का नंबर 11 में स्थित है. संबंधित खाता नंबर 95 और 73 के तहत कई प्लॉटों की खरीद-बिक्री की गई थी.
वन विभाग के तय नियमों के अनुसार इस वन भूमि को किसी निजी व्यक्ति के नाम पर न तो बेचा जा सकता है और न ही म्यूटेशन किया जा सकता है. इसके बावजूद, कथित रूप से फर्जी कागजातों के आधार पर विनय सिंह के नाम पर म्यूटेशन किया गया. वर्तमान में इस जमीन पर ही “नेक्सजेन ऑटोमोबाइल शोरूम” संचालित है, जो विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह के नाम पर है. बता दें कि वन भूमि घोटाला को लेकर एसीबी ने कांड संख्या 11/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.


