हरियाणा : हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या को 7 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उनका पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका है। इस बीच मामला और भी संवेदनशील होता जा रहा है। सरकार पर कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है और पुलिस विभाग में हलचल तेज है।
Highlights:
DGP को छुट्टी पर भेजा गया
सरकार ने शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया है। दरअसल, उनका नाम पूरन कुमार के सुसाइड नोट में आया था। इसको लेकर पहले से ही उन्हें हटाने की तैयारी चल रही थी। पूरन कुमार की IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार DGP शत्रुजीत कपूर को पद से हटाने और रोहतक के पूर्व SP नरेंद्र बिजारणिया समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ी हैं। सरकार ने बिजारणिया को पहले ही पद से हटा दिया था, लेकिन अब तक उन्हें किसी और जगह पोस्टिंग नहीं दी गई है।
नेताओं के पहुंचने से मामला गरमाया
मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अमनीत पी. कुमार के सरकारी आवास पर शोक व्यक्त करने जाएंगे। वहीं दोपहर डेढ़ बजे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी परिवार से मुलाकात करेंगे। इससे पहले केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले भी परिवार से मिल चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर न्याय की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि आरोपियों पर कार्रवाई होगी, लेकिन पहले पोस्टमॉर्टम जरूरी है।
48 घंटे का अल्टीमेटम आज खत्म
पूरन कुमार के परिवार और अनुसूचित समाज की ओर से बनी 31 सदस्यीय कमेटी ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। यह समय सीमा आज खत्म हो रही है।
7 अक्टूबर को की थी आत्महत्या
पूरन कुमार रोहतक के पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में IG के पद पर तैनात थे। 7 अक्टूबर को उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास की बेसमेंट में खुद को गोली मार ली। उन्होंने 8 पेज का सुसाइड नोट और एक पेज की वसीयत छोड़ी थी। सुसाइड नोट में DGP शत्रुजीत कपूर, रोहतक के SP नरेंद्र बिजारणिया समेत 15 अधिकारियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया था। इससे एक दिन पहले पूरन कुमार के गनमैन को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसी मामले में पूरन कुमार का नाम आने वाला था।
8-9 अक्टूबर: FIR और आरोप
8 अक्टूबर को उनकी पत्नी अमनीत पी. कुमार जापान से लौटीं और DGP व SP के खिलाफ जातिगत भेदभाव और साजिश का आरोप लगाते हुए शिकायत दी। 9 अक्टूबर को चंडीगढ़ पुलिस ने DGP शत्रुजीत कपूर और SP नरेंद्र बिजारणिया समेत 15 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, 3(5) और SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत दर्ज की गई।
10-11 अक्टूबर: SIT बनी और शव PGI शिफ्ट
10 अक्टूबर को चंडीगढ़ पुलिस ने IG पुष्पेंद्र कुमार की अगुवाई में SIT बनाई। 11 अक्टूबर को परिवार की अनुमति के बिना शव को PGIMER चंडीगढ़ में शिफ्ट कर दिया गया। परिवार ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि प्रशासन दबाव बना रहा है।
12 अक्टूबर: महापंचायत और सरकार को चेतावनी
12 अक्टूबर को चंडीगढ़ के गुरु रविदास गुरुद्वारे में महापंचायत हुई। यहां कमेटी ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। सरकार ने SP नरेंद्र बिजारणिया को पद से हटा दिया, लेकिन गिरफ्तारी नहीं की। इसी को लेकर परिवार और समाज के लोग आंदोलन की तैयारी में हैं।
13 अक्टूबर: केंद्र और राज्य सरकार की बैठक
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की 40 मिनट तक मीटिंग हुई। इसमें सैनी ने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। हालांकि अब तक पोस्टमॉर्टम न होने से सवाल उठ रहे हैं। परिवार और समाज की नाराजगी बढ़ती जा रही है।
अब आगे क्या?
पूरन कुमार सुसाइड केस अब सिर्फ एक पुलिस मामला नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक रूप भी ले चुका है। नेताओं के पहुंचने से सरकार पर दबाव बढ़ा है। कमेटी ने चेतावनी दी है कि अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


