हजारीबाग : भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं और एनडी ग्रोवर की जयंती एनडी ग्रोवर मेमोरियल लाइब्रेरी में शनिवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि युवा समाजसेवी हर्ष अजमेरा भी शामिल हुए। समाजसेवी हर्ष अजमेरा की उपस्थिति से समारोह में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार हुआ. समारोह में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित अशोक कुमार तथा तरंग ग्रुप के संचालक अमित कुमार भी मौजूद रहे, जिनकी सहभागिता ने कार्यक्रम की महत्ता को और बढ़ा दिया। गरिमामय माहौल में आयोजित समारोह में अतिथियों, आमजनों व बच्चों की मौजूदगी ने इस आयोजन को प्रेरक और यादगार बना दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पण से हुई, जहां उपस्थित सभी लोगों ने दोनों महापुरुषों के योगदान को नमन किया। समारोह के दौरान मौके पर मौजूद बच्चों को सम्मानित भी किया गया। पुरस्कार और प्रमाणपत्र मिलने से बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए वहीं उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को उत्कृष्टता की ओर प्रेरित करते हैं।

इस मौके पर समाजसेवी हर्ष अजमेरा ने अपने संबोधन में भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष,त्याग और समाज के अधिकारों के लिए उनके अद्वितीय योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि आदिवासी अस्मिता, साहस और संघर्ष के प्रतीक हैं, जिनके आदर्श आज भी समाज को नई दिशा देते हैं।
हर्ष अजमेरा ने महात्मा नारायणदास ग्रोवर के शिक्षा, समाजसेवा और मानवता आधारित कार्यों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महात्मा ग्रोवर जैसे व्यक्तित्व समाज को संस्कार, सेवा और सद्भाव का रास्ता दिखाते हैं, और उनकी जयंती हमें उनके पदचिन्हों पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने युवाओं से इतिहास और महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि समाज तभी प्रगति कर सकता है जब युवा पीढ़ी अपने विरासत, संस्कृति और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहे।

