गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह में मां दुर्गा के विसर्जन की एक अनोखी परंपरा देखने को मिली। शहर के बरवाडीह स्थित मानसरोवर तालाब में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन नाव के जरिए किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरा माहौल मां के जयकारों से गूंज उठा।
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पहले कराया जाता है नगर भ्रमण
गिरिडीह के कुछ पूजा पंडालों में मां दुर्गा की विदाई एक खास परंपरा के साथ की जाती है। पूजा के बाद मां की प्रतिमा को कंधे पर उठाकर पूरे नगर का भ्रमण कराया जाता है। इस दौरान श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए मां को विदाई देते हैं।
नाव से तालाब के बीच ले जाई जाती है प्रतिमा
नगर भ्रमण के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा को नाव पर रखा जाता है। इसके बाद नाव के जरिए प्रतिमा को मानसरोवर तालाब के बीच ले जाया जाता है, जहां विधि-विधान के साथ विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इस अनोखे नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं।
अगले साल फिर आने की कामना
मां दुर्गा की विदाई के समय श्रद्धालुओं के बीच भक्ति और भावुकता का माहौल देखने को मिलता है। लोग मां से अगले साल फिर आने की प्रार्थना करते हैं। गिरिडीह की यह परंपरा यहां की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है।
रिपोर्ट: केशु तिवारी

