सारण : सारण जिले में गंडक नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर और पानी के दबाव से पानापुर प्रखंड के सरौजा भगवानपुर गांव के समीप गुरुवार तड़के गंडक के बढ़ते दबाव के बीच सारण मुख्य तटबंध टूट गया। तटबंध टूटते ही पानी तेज रफ्तार से निचले इलाकों की ओर फैलने लगा। इससे पानापुर के साथ- साथ तरैया प्रखंड के कई इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। अचानक बड़ी मात्रा में पानी फैलने से आसपास के गांवों में अफरातफरी मच गई।
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इस संबंध में स्थानीय लोगों ने बताया कि सातजोड़ा बाज़ार के समीप तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से खेतों और गांवों की ओर बढ़ रहा है। देखते ही देखते निचले इलाकों में पानी का फैलाव शुरू हो गया। तटबंध टूटने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। लोगों में घर, फसल और पशुधन को लेकर चिंता बढ़ गई है। पिछले कई दिनों से गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण पानापुर क्षेत्र में तटबंधों पर पानी का दबाव बढ़ रहा था। कई स्थानों पर रिसाव और पानी के दबाव की सूचना भी सामने आ रही थी।
मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम

पानापुर के सरौजा भगवानपुर के समीप तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई है। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेते हुए पानी के फैलाव और तटबंध की स्थिति का निरीक्षण शुरू किया। संभावित रूप से प्रभावित होने वाले गांवों में राहत और बचाव की तैयारियां तेज की जा रही हैं। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से पानी के बीच नहीं जाने और खतरा बढ़ने की स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील की जा रही है।
वहीं, तटबंध टूटने के बाद पानी का बहाव होने वाले इलाकों पर प्रशासनिक स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। गंडक के बढ़ते जलस्तर और तटबंध टूटने की घटना ने पानापुर और तरैया क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों की नजर अब प्रशासन की राहत-बचाव व्यवस्था और पानी के आगे बढ़ने की स्थिति पर टिकी है।
प्रभावित इलाकों में पहुंचे डीएम-एसपी
सारण जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक स्वयं प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहे हैं। NDRF, SDRF, प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार राहत-बचाव कार्य में लगी हैं।
प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ सामुदायिक रसोई के जरिए भोजन, मेडिकल सुविधा और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य को और तेज किया जा रहा है।


