हेल्थ डेस्क : बच्चों के दूध पाउडर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. FSSAI ने Nestlé India के कुछ प्रोडक्ट्स पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. जैसे ही यह अपडेट बाहर आई, शेयर बाजार में भी असर दिखा और कंपनी के शेयर 2 से 3 प्रतिशत तक नीचे आ गए.
Highlights:
FSSAI ने नेस्ले के ‘NAN Excella Pro’ और ‘Lactogen Pro 1’ जैसे बच्चों के दूध पाउडर की जांच की. जांच के दौरान यह पाया गया कि इन प्रोडक्ट्स पर कुछ ऐसी बातें लिखी गई थीं, जो नियमों के हिसाब से सही नहीं मानी जातीं. जैसे ‘5 HMOs’ और ‘Whey Protein’ से जुड़ी जानकारी. इन्हीं बातों को लेकर रेगुलेटर ने सवाल उठाए और मामला आगे बढ़ा.
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दरअसल, भारत में बच्चों के दूध पाउडर को लेकर नियम काफी सख्त हैं. FSSAI के मुताबिक, ऐसे प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए बड़े-बड़े प्रमोशनल लाइन नहीं दी जा सकती. इसके साथ ही IMS Act 1992 भी ऐसे प्रोडक्ट्स के विज्ञापन पर रोक लगाता है. यानी कंपनियों को बहुत लिमिट में रहकर ही जानकारी देनी होती है, ताकि लोगों को गलत मैसेज न जाए.
ऑनलाइन प्रमोशन भी वजह
अब बात सिर्फ पैकेट तक नहीं रही. FSSAI ने ई-कॉमर्स साइट्स पर इन प्रोडक्ट्स के प्रमोशन को भी देखा. वहां इस्तेमाल की गई भाषा पर भी आपत्ति जताई गई. मतलब साफ है कि अब ऑनलाइन लिखी हर लाइन भी जांच के दायरे में आ चुकी है.
शेयर बाजार भी गिरे
जैसे ही यह खबर फैली, निवेशकों ने तुरंत रिएक्शन दिया. लोगों ने शेयर बेचना शुरू किया और कीमत नीचे आ गई. करीब 2 से 3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. दोपहर तक शेयर करीब 1,336 रुपये के आसपास ट्रेड करता दिखा. यानी इस खबर का असर सीधे बाजार पर पड़ा. अब नजर इस पर है कि कंपनी इस मामले में क्या जवाब देती है. अगर नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो आगे और सख्त कार्रवाई हो सकती है. साथ ही यह मामला बाकी कंपनियों के लिए भी एक साफ संकेत है कि बच्चों से जुड़े प्रोडक्ट्स में हर जानकारी सोच-समझकर देनी जरूरी है, क्योंकि यहां बात सीधे बच्चों की सेहत की है.


