झारखंड : झारखंड एकेडमिक काउंसिल यानी जैक ने अगले साल होने वाले मैट्रिक और इंटर परीक्षाओं के लिए फॉर्म भरने की तारीखों का ऐलान कर दिया है.इस बार फॉर्म पूरी तरह से ऑनलाइन भरे जाएंगे। बिना विलंब शुल्क के फॉर्म करने की आखिरी तारीख 5 दिसंबर रखी गई है। इसके बाद 12 दिसंबर तक विलंब शुल्क के साथ फॉर्म भरा जा सकेगा। बिना विलंब शुल्क के एग्जाम फॉर्म 8 दिसंबर तक जमा किया जा सकेगा, जबकि विलंब शुल्क के साथ भुगतान की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 2025 तय की गई है।
Highlights:

जैक ने कहा है कि आवेदन प्रक्रिया में पहले कई बार स्कूलों की जल्दबाजी में गलतियां होती थीं। इसलिए इस बार छात्रों से पहले ऑफलाइन फॉर्म भरवाकर उसका मिलान स्कूल के रिकॉर्ड से किया जाएगा। इसके बाद ही ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा, ताकि किसी भी छात्र के आवेदन में त्रुटि न रह जाए।
परीक्षा पैटर्न में बड़े बदलाव
जैक ने बताया है कि 2026 की मैट्रिक और इंटर परीक्षा में इस बार सवालों के पैटर्न में बड़ा बदलाव किया जाएगा। अब केवल रटने वाले प्रश्न नहीं, बल्कि सोचने और समझने पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें छात्रों की विश्लेषणात्मक क्षमता, तर्कशक्ति (रीजनिंग), जागरूकता और कौशल की जांच की जाएगी। इसका मकसद छात्रों को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। पहले की परीक्षाओं में पारंपरिक प्रश्न पूछे जाते थे, लेकिन अब छात्रों की सोचने की क्षमता और विषयों के व्यावहारिक ज्ञान पर जोर दिया जाएगा। गणित, विज्ञान और हिंदी जैसे विषयों में अब रीजनिंग से जुड़े सवाल भी शामिल होंगे।
नया फॉर्मूला ’30-50-20′
जैक ने परीक्षा के नए पैटर्न को ’30-50-20 फॉर्मूला’ नाम दिया है। 30 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। 50 अंक के लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे। 20 अंक का वेटेज प्रायोगिक परीक्षा या आंतरिक मूल्यांकन के लिए दिया जाएगा।
Also Read : संसद का शीतकालीन सत्र 1 से 19 दिसंबर तक, होंगी 15 बैठकें
सीबीएसई और आईसीएसई की तर्ज पर परीक्षा
जैक बोर्ड का यह कदम सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की तर्ज पर उठाया गया है, जिन्होंने पहले ही योग्यता आधारित प्रश्नों को शामिल किया था। इससे छात्रों को रटने की बजाय सीखने और समझने की प्रक्रिया पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
झारखंड बोर्ड का यह बदलाव छात्रों के लिए बड़ा अवसर है। इससे न केवल पढ़ाई का स्तर सुधरेगा, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी भी मजबूत होगी। अब परीक्षा में सिर्फ याद करना नहीं, बल्कि समझना और सही ढंग से जवाब देना ही सफलता की कुंजी बनेगा।


