Thursday, July 23, 2026

पश्चिम बंगाल को छोड़ चुनाव आयोग ने 6 राज्यों के लिए बढ़ाई SIR की तारीख

नई दिल्ली : चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश सहित देश के 6 राज्यों में एसआईआर की समय सीमा बढ़ा दी है। लेकिन पश्चिम बंगाल में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आयोग ने ये फैसला विभिन्न राज्यों में प्राप्त आवेदनों की संख्या और तकनीकी/प्रशासनिक कारणों को देखते हुए लिया है. तमिलनाडु और गुजरात में SIR फॉर्म जमा कराने की समय सीमा 14 दिसंबर, 2025 (रविवार) थी, जिसे आयोग ने बढ़कर इन दोनों राज्यों में अब 19 दिसंबर, 2025 तक कर दिया है.

इसका मतलब है कि इन राज्यों के हितधारकों को आवश्यक डॉक्यूमेंट तैयार करने और जमा कराने के लिए पांच दिन का अतिरिक्त समय मिल गया है. आयोग ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं अंडमान और निकोबार के लिए अंतिम तिथि 18 दिसंबर 2025 (गुरुवार) से बढ़ाकर 23 दिसंबर 2025 (मंगलवार) कर दी है. वहीं, यूपी में SIR की अंतिम तिथि 26 से बढ़कर 31 दिसंबर 2025 (बुधवार) कर दी गई है.

चुनाव आयोग ने विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए मतदाता सूची को शुद्धतम बनाने के लिए 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पिछले महीने 4 नवंबर को शुरू किया था। आयोग ने कहा था कि मसौदा सूची जारी होने से पहले प्रत्येक बूथों पर पाए गए मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित व डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची राजनीतिक दलों से जुड़े बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा करें।

चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि बिहार में जिस तरह से ऐसे मतदाताओं की सूची को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर अपलोड़ की गई थी, उसी तरह से सभी राज्य इसे उपलब्ध कराएं। इससे मतदाताओं की सूची में सुधार करने में मदद मिलेगी और मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।

इससे पहले चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की ओर से एसआईआर के दौरान गणना फार्म जमा करने की अवधि को बढ़ाने की मांग पर गंभीरता दिखाते हुए एसआईआर की अवधि बढ़ा दी। वहीं चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के सीईओ को निर्देश दिया है कि वह हाई राइज भवनों व सोसाइटियों में रहने वाले मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए नए मतदान केंद्र को सृजित करें। आयोग ने पश्चिम बंगाल के सीईओ से 31 दिसंबर तक ऐसे मतदान केंद्रों की सूची मुहैया कराने को कहा है।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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