न्यूज डेस्क: केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने बुधवार को GST फर्जीवाड़े से जुड़े मामले को लेकर झारखंड और पश्चिम बंगाल के चार ठिकानों पर छापेमारी की. झारखंड में यह छापेमारी जमशेदपुर और बोकारो में हुई. बुधवार सुबह जमशेदपुर के चर्चित कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल के कई ठिकानों पर एक साथ ईडी ने बिष्टुपुर स्थित उनके आवासीय परिसर के साथ-साथ आदित्यपुर और गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र में बने प्लांट पर छापा मारा. ईडी की टीम वित्तीय लेनदेन, खरीद-बिक्री के दस्तावेजों और कंप्यूटर हार्ड डिस्क सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की पड़ताल कर रहे हैं.
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जीएसटी घोटाले और अवैध वित्तीय लेनदेन
मिली जानकारी के अनुसार, ईडी की यह पूरी कार्रवाई लगभग 750 करोड़ रुपये के बड़े जीएसटी घोटाले और अवैध वित्तीय लेनदेन से जुड़ी है. कारोबारी बबलू जायसवाल पर कई गंभीर आरोप हैं. इसमें फर्जी कंपनियां बनाकर उनके जरिए नकली बिलिंग करना, अनुचित तरीके से करोड़ों रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करना, सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाना शामिल है. हालांकि इस मामले में ईडी के अधिकारी अभी आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं.
2025 में भी हुई थी कार्रवाई
बता दें कि ज्ञानचंद जायसवाल का विवादों से पुराना नाता रहा है. इससे पहले भी उन पर 55.66 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले का आरोप लगा था, जिसमें केंद्रीय एजेंसियों ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था. इसके अलावा 22.31 करोड़ की फर्जी ITC मामले में मेसर्स जय भोलानाथ कंपनी, मेसर्स मां शारदा एंडेवर और मेसर्स मेकर्स कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड पर कार्रवाई हुई थी तो वहीं 33.35 करोड़ की फर्जी ITC मामले में मेसर्स केदारनाथ ट्रैक्सीन, ज्ञानदीप आयरन प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स विभ्रान स्क्रैप कंपनी पर छापेमारी की कार्रवाई हुई थी. इससे पूर्व 7 अगस्त 2025 को भी इनके ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की गई थी.


