रांची: झारखंड में जमीन घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम अब एक बार फिर एक्शन मोड में है। ईडी ने राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार की पत्नी प्रीति कुमार को नोटिस जारी कर जमीन की खरीद-बिक्री से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे हैं। सूत्रों के अनुसार यह मामला रांची के बरियातू स्थित बर्लिन अस्पताल की विवादित जमीन और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जुड़ा बताया जा रहा है।
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दस्तावेजों से होगा बयानों का सत्यापन
दरअसल 20 मार्च 2024 को ईडी ने आईएएस अविनाश कुमार की पत्नी प्रीति कुमारी को समन भेज कर पूछताछ के लिए बुलाया था। जिसमें जमीन घोटाले से संबंधित घंटों पूछताछ ईडी दफ्तर में हुई। बाद में संबंधित जमीन की नापी भी की गई। और पूरे जमीन घोटाले की जांच ईडी ने जारी रखी। प्रीति के जवाब और सभी दस्तावेज की समीक्षा की गई और अब ईडी द्वारा उस जवाब से संबंधित कागजात की मांग की गई है। इस मामले में ईडी को शक है कि जिस जमीन पर बर्लिन अस्पताल खड़ा है, उसकी खरीद में जमीन की प्रवृत्ति को बदलकर, नियमों का उल्लंघन किया गया है। जमीन के सौदे में हुए लेनदेन और ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ के एंगल से दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।
ईडी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नोटिस भेजना जांच की एक सामान्य प्रक्रिया है। वर्तमान में किसी को आरोपी घोषित नहीं किया गया है। नोटिस के जरिए केवल उन जानकारियों का सत्यापन किया जा रहा है जो पूर्व में दी गई थीं। दस्तावेजों की बारीकी से जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
क्या है बर्लिन अस्पताल जमीन विवाद?
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी का आरोप है कि बरियातू रोड स्थित जिस जमीन पर अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर बना है, उसका एक बड़ा हिस्सा सरकारी या प्रतिबंधित प्रकृति का हो सकता है। आरोप यह भी है कि इस जमीन को बाजार दर से काफी कम कीमत पर खरीदा गया था। पूर्व में हुई छापेमारी और राजस्व उप-निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद के ठिकानों से मिले दस्तावेजों के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था।


