Saturday, June 13, 2026

e- Kalyan स्कॉलरशिप बनी छात्रों की सबसे बड़ी मुश्किल

झारखंड : झारखंड सरकार की e-Kalyan स्कॉलरशिप योजना आज बड़ी संख्या में छात्रों के लिए परेशानी का सबब बनते नजर आ रही है. पढ़ाई न रूके, ख्बाब अधूरे न रह जाएं, आर्थिक तंगी और सफलता में बाधा न बने, इसके मद्देनजर रखते हुए झारखंड सरकार ने साल 2013 में इस योजना की शुरूआत की थी. दूसरी तरफ छात्रों ने भी कॉलेज में एडमिशन लिया था, तो उन्हें उम्मीद थी कि सरकार की तरफ से मिलने वाली यह स्कॉलरशिप उनकी पढ़ाई को पूरा करवाने में मददगार साबित होगी लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि बीते डेढ़ साल से दर्जनों छात्रों को स्कॉलरशिप की राशि नहीं मिली है। यहां सवाल पैसों का नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य का है। इस योजना की लेटलतीफी के कारण कई स्टूडेंट्स समय पर फीस जमा नहीं कर सके और इसके कारण वह अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हुए. कई ऐसे भी छात्र हैं, जिन्हें परीक्षा देने से रोक दिया गया, तो कुछ का सेमेस्टर बैक लग गया। जो स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई में सरकार की मदद का सपना लेकर कॉलेज और यूनिवर्सिटी पहुँचे थे, उनका सपना सरकार या कल्याण विभाग की लापरवाही के कारण टूटता नजर आ रहा है।

e-Kalyan के वेबसाइट पर रोज़ Pending का मैसेज 

ऐसा नहीं है कि झारखंड में सरकार की सभी योजनाएं लेटलतीफी में चल रही है. सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक मुख्यमंत्री मइंया सम्मान योजना, जिसमें राज्य की लाख महिलाओं के खातों में अक्टूबर तक की राशि आ चुकी है. महिलाओं तो आर्थित तौर पर सबल बनाने की सरकार की यह कोशिश बहुत अच्छी है, लेकिन सवाल यह भी उठता है कि क्या अब छात्रों की पढ़ाई, उनके सपने सरकार की प्राथमिकताओं में नहीं है? क्या सरकार को सिर्फ एक वर्ग की मदद करना ज़रूरी लगता है, और अब तो ऐसा लगने लगा है कि छात्र अब उसके ध्यान से ही उतर गए हैं. महिलाएँ और छात्र दोनों ही समाज के लिए जरूरी हैं, लेकिन जहाँ महिलाओं को समय पर सहायता मिल रही है, वहीं छात्र e-Kalyan वेबसाइट पर रोज़ Pending और Processing का message देखकर परेशान हो रहे हैं।

 यह योजना SC, ST और OBC वर्ग के छात्रों के लिए

यह योजना खास तौर पर SC, ST और OBC वर्ग के छात्रों के लिए बनाई गई है ताकि वे कॉलेज की फीस, हॉस्टल और बाकी खर्चों को पूरा कर सकें । मगर अब इस योजना की प्रक्रिया इतनी कठिन हो गई है कि जिस स्टूडेंट्स को इसकी जरूरत है, वो भी इसका लाभ नहीं उठा पा रहा। आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, ज़मीन का रिकॉर्ड, कॉलेज का वेरिफिकेशन, हर चीज़ में कोई न कोई दिक्कत है। कई छात्रों के आवेदन स्वीकृत होने के बावजूद उन्हें राशि नहीं मिली है। कुछ छात्रों को तो पिछले वर्ष की scholarship भी अब तक नहीं दी गई। ऐसे में सवाल उठता है कि वे फीस कैसे भरें? कई छात्रों को कॉलेज और कोचिंग तक छोड़नी पड़ रही है।

शिकायत करने पर सुनवाई भी  नहीं

सबसे बड़ी समस्या यह है कि सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आता। कॉलेज वालों का कहना है कि उन्होंने तो वेरिफिकेशन कर दिया है। लेकिन students अभी भी परेशान हैं, क्योंकि e- kalyan के वेबसाइट पर अभी भी उन्हें Processing word ही देखना पड़ रहा है, और अब छात्रों के पास इंतज़ार के सिवा कोई विकल्प नहीं बचा है। वहीं शिकायत करने पर सुनवाई नहीं होती, और उम्मीद रखने पर सिर्फ इंतजार करने को बोला जाता है। जबकि अन्य सरकारी योजनाएँ, जैसे वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन या दिव्यांग पेंशन, सबका पैसा समय पर पहुँच जाता है। तो फिर स्कॉलरशिप योजना में यह देरी क्यों? क्या अब शिक्षा सरकार के लिए उतनी प्राथमिकता नहीं रही जितनी अन्य योजनाएँ हैं?

सरकार की अन्य नई योजनाएँ

सरकार लगातार नई योजनाएँ शुरू कर रही है. जैसे मरांग गोमके विदेश छात्रवृत्ति योजना, जिससे कुछ छात्र विदेश में पढ़ सकें, गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना ताकि बच्चे लोन लेकर पढ़ाई जारी रख सकें, और मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना, जिससे कोचिंग के लिए आर्थिक मदद मिले। ये सब योजनाएँ सुनने में अच्छी लगती हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि पुरानी योजनाओं को पूरा करने की ज़िम्मेदारी कौन लेगा? और वो कब तक पूरी होगी। पहले तो e-Kalyan जैसी पुरानी छात्रवृत्ति योजनाओं पर ध्यान देना ज़्यादा ज़रूरी है, क्योंकि इनसे लाखों छात्रों का भविष्य जुड़ा हुआ है।

दस्तावेज़ सही होने के बाद भी रिजेक्ट हो जाते हैं

सोशल मीडिया पर भी बहुत सारे students अपनी मुश्किलें साझा करते हैं . स्टूडेंट्स का मानना है,एक साल हो गया, अब तक पैसा नहीं आया, जबकि सारे दस्तावेज़ सही होने के बाद भी उनका आवेदन रिजेक्ट हो गया। सवाल उठता है,ऐसे में स्टूडेंट्स का भरोसा सरकार पर कैसे बना रहेगा? योजनाएँ सिर्फ कागज़ों पर नहीं, ज़मीन पर दिखनी चाहिए। छात्रों को सिर्फ पैसा नहीं चाहिए , उन्हें भरोसा चाहिए कि सरकार उनके साथ है और उनके भविष्य की चिंता करती है।अगर सरकार सच में चाहती है कि राज्य आगे बढ़े, तो उसे सबसे पहले अपने छात्रों को मज़बूत बनाना होगा। यही छात्र आने वाले समय में डॉक्टर, इंजीनियर, टीचर और अफसर बनकर राज्य का नाम रोशन करेंगे।

शिक्षा ही विकास की कुंजी

अगर अभी से स्टूडेंट्स मायूस हो गए, तो आने वाले समय में पूरा राज्य पिछड़ जाएगा। इसलिए यह ज़रूरी है कि e-Kalyan की पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए। आवेदन से लेकर भुगतान तक हर कदम पर छात्रों को सही जानकारी मिले कि उनका पैसा कब तक आएगा। और कहीं फिरसे पैसा आने के बाद उन्हें इतना लंबा इंतजार तो नहीं करना पड़ेगा। आख़िर में, यह याद रखना चाहिए कि students सरकार से भीख तो मांग नहीं रहे , वे अपने हक़ की बात कर रहे हैं। उन्होंने मेहनत की है, पढ़ाई की है, और अब उनका अधिकार है कि उन्हें उनकी स्कॉलरशिप समय पर मिले। सरकार अगर सच में शिक्षा ही विकास की कुंजी कहती है, तो उसे यह दिखाना भी होगा कि उसके लिए छात्रों का भविष्य सचमुच प्राथमिकता है। यही बदलाव झारखंड को सच में शिक्षित राज्य बना सकता है।

एयर नाउ स्पेशल

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