रांची: झारखंड पुलिस की सक्रियता और लगातार चलाए गए सर्च अभियान के बाद ओरमांझी से लापता 12 वर्षीय बालक कन्हैया कुमार को सकुशल बरामद कर लिया गया है। यह सफलता रांची पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और सोशल मीडिया व प्रिंट मीडिया में किए गए व्यापक प्रचार-प्रसार का परिणाम मानी जा रही है। ओरमांझी थाना क्षेत्र निवासी कन्हैया कुमार, पिता अर्जुन साव, के लापता होने की सूचना पर 11 दिसंबर 2025 को ओरमांझी थाना कांड संख्या 223/25 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद वरीय पुलिस अधीक्षक, झारखंड पुलिस के निर्देश पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
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विशेष टीम ने चलाया व्यापक तलाशी अभियान
कन्हैया की तलाश के लिए रांची जिले के दो दर्जन से अधिक पुलिस पदाधिकारियों को लगाया गया। पुलिस ने सभी संभावित पहलुओं पर जांच की और विभिन्न इलाकों में छापेमारी की। इसके साथ ही प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के जरिए बच्चे की तस्वीर और जानकारी व्यापक स्तर पर साझा की गई। सार्वजनिक स्थलों और वाहनों पर पोस्टर लगाकर भी आम लोगों से सहयोग की अपील की गई। लगातार प्रयासों के बीच कोडरमा जिले के चंदवारा इलाके से एक जागरूक नागरिक ने पुलिस को कन्हैया के बारे में सूचना दी। चंदवारा थाना द्वारा सत्यापन के बाद 19 जनवरी 2026 को रांची पुलिस की टीम ने कोडरमा से कन्हैया कुमार को सकुशल बरामद कर लिया।
बच्चे ने बताई घर छोड़ने की वजह
पुलिस पूछताछ में कन्हैया कुमार ने बताया कि वह अपने ननिहाल हाजीपुर (बिहार) गया हुआ था। लौटते समय उसके पास पैसे कम पड़ गए, जिस कारण वह कोडरमा में उतर गया। बच्चे ने यह भी बताया कि घर में उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं होता था, इसी वजह से वह अपनी पहचान और परिजनों के बारे में किसी को बताना नहीं चाहता था। इस पूरे मामले में रांची पुलिस की सतर्कता, लगातार निगरानी और आम जनता के सहयोग से एक लापता बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सका। पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी लापता व्यक्ति या बच्चे के बारे में सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।


