नई दिल्ली: इंडिगो एयरलाइन के परिचालन में बीते दिनों हुए संकट और बड़ी संख्या में यात्रियों के परेशान होने के मामले में आखिरकार नागर विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत डीजीसीए ने चार फ्लाइट इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। डीजीसीए ने ये कदम ऐसे समय में उठाया है जब गुरुवार को ही इंडिगो ने हालिया संकट से प्रभावित हुए यात्रियों के लिए रिफंड के बाद अब अतिरिक्त मुआवजे का एलान किया है। इससे पहले गुरुवार को दूसरी बार इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स डीजीसीए के समक्ष पेश हुए।
डीजीसीए ने तेज की जांच
इधर डीजीसीए की ओर से बनाई गई विशेष समिति ने मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। डीजीसीए के अधिकारी एयरलाइन के मुख्यालय पर तैनात हैं और संचालन पर नजर रख रहे हैं। समिति एयरलाइन के मानव संसाधन योजना, फ्लक्चुएटिंग रोस्टर सिस्टम और पायलटों के नए ड्यूटी पीरियड और रेस्ट नियमों के पालन की भी समीक्षा करेगी, जो एक नवंबर से लागू हुए हैं।
डीजीसीए ने पूरी तरह से साफ किया है कि एयरलाइन संचालन में खामियों की जड़ तक पहुंचने के लिए सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी। जांच समिति में जॉइंट डायरेक्टर जनरल संजय ब्रह्माने, डिप्टी डायरेक्टर जनरल अमित गुप्ता, वरिष्ठ एफओआई कपिल मंगलीक और एफओआई लोकेश रामपाल शामिल हैं। समिति का काम इंडिगो में बड़े पैमाने पर संचालन में हुई गड़बड़ी के कारणों की पहचान करना है।
बता दें कि इंडिगो ने शुक्रवार को भी बंगलूरू एयरपोर्ट से 54 उड़ानें रद्द की, जिनमें 31 आगमन और 23 प्रस्थान उड़ानें शामिल हैं। इससे पहले गुरुवार को दिल्ली और बंगलूरू से 200 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी थीं। भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो बीते कुछ दिन से अपने इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। रोजाना लगभग 2300 फ्लाइट्स ऑपरेट करने वाली और घरेलू एविएशन मार्केट में 60% से भी अधिक हिस्सेदारी रखने वाली इस एयरलाइन का मार्केट कैप मौजूदा संकट के बाद करीब 21,000 करोड़ रुपये तक घट चुका है।


