रांची : हजारीबाग वन भूमि घोटाले में कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पंचायती राज विभाग के उप निदेशक एवं हजारीबाग के तत्कालीन सीओ शैलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी ने शैलेश कुमार को पूछताछ के लिए तलब किया था। पूछताछ और जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उनकी गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तार करने के बाद उन्हें हजारीबाग स्थित एसीबी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में हजारीबाग जेल भेज दिया गया।
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भूमि जमाबंदी में गड़बड़ी पर हुई कार्रवाई
जांच के दौरान एसीबी को यह प्रमाण मिले कि सीओ के पद पर रहते हुए शैलेश कुमार ने जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों में गंभीर विसंगतियां की थीं। उन्होंने कुछ मामलों को अस्वीकृत किया, जबकि ठीक उसी प्रकृति की अन्य भूमि पर दाखिल-खारिज की स्वीकृति दी गई। इसी आधार पर एसीबी ने उन्हें आरोपी पाया। पूछताछ में उन्होंने अपनी संलिप्तता से इनकार किया, लेकिन साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तारी की गई।
विनय सिंह की पत्नी से भी होगी पूछताछ
इस मामले में एक अन्य आरोपी विनय सिंह की पत्नी से भी एसीबी पूछताछ करेगी। कथित तौर पर जमीन की जमाबंदी उनके नाम पर की गई थी। उन्हें पहले नोटिस भेजा गया था, लेकिन वे एसीबी कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं। अब एसीबी उन्हें दोबारा नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है। साथ ही, जेल में बंद विनय सिंह को भी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सकती है। गौरतलब है कि एसीबी को विनय सिंह के ठिकाने से शराब घोटाले से जुड़े दस्तावेजों के साथ जमीन से संबंधित कई कागजात मिले थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अब विस्तृत जांच की जाएगी।
2013 में रद्द की गई थी अवैध जमाबंदी
हजारीबाग वन भूमि घोटाले की जड़ वर्ष 2013 के एक आदेश से जुड़ी है। उस समय हजारीबाग डीसी कार्यालय ने पांच प्लॉट की अवैध जमाबंदी को रद्द किया था। इस निर्णय को राजस्व विभाग ने भी सही ठहराया था। इसके बावजूद बाद में गैरमजरूआ किस्म की जंगल-झाड़ी भूमि की जमाबंदी कर दी गई, जो पूरे घोटाले का आधार बनी।
कोर्ट में पेशी और तबीयत बिगड़ने की शिकायत
गुरुवार दोपहर करीब दो बजे एसीबी की टीम ने शैलेश कुमार को हजारीबाग स्थित एसीबी न्यायालय में पेश किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय आशा देवी भट्ट ने सुनवाई के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पेशी के दौरान शैलेश कुमार ने हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत की। कोर्ट डिस्पेंसरी से चिकित्सक को बुलाया गया। जांच के बाद
- चिकित्सक ने दवा दी और फिर उन्हें केंद्रीय कारा भेज दिया गया।
- सीओ रहते जमीन की अवैध जमाबंदी में मिली भूमिका।
- पूछताछ के बाद पंचायती राज विभाग के उप निदेशक शैलेश कुमार गिरफ्तार।
- 2013 में अवैध जमाबंदी को रद्द किए जाने के बावजूद गैरमजरूआ भूमि की जमाबंदी।
- विनय सिंह और उनकी पत्नी से भी होगी पूछताछ।
- कोर्ट में पेशी के दौरान शैलेश कुमार ने तबीयत बिगड़ने की शिकायत की।
इस कार्रवाई के बाद एसीबी ने संकेत दिया है कि हजारीबाग वन भूमि घोटाले में और भी अधिकारियों व संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है। जांच टीम अवैध जमाबंदी से जुड़े सभी रिकॉर्ड्स खंगाल रही है। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।


