रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव 18 जून को होनी है और इसे लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू, सांसद डॉ. सैयद नसीर हुसैन, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक प्रदीप यादव एवं अजय शर्मा ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात में राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनी।
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कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए प्रणव झा को मैदान में उतारा है और अब पार्टी उसकी जीत सुनिश्चित करने के लिए एक्टिव हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने सीएम से मुलाकात कर प्रणव झा के लिए समर्थन मांगा है। राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन को कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए झारखंड का पर्यवेक्षक बनाया है।
गौर करने वाली बात यह है कि सूबे की दो राज्यसभा सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में उतारें हैं। कांग्रेस से प्रणव झा, सीएम हेमंत सोरेन की पार्टी जेएमएम से बैजनाथ राम और बाजेपी समर्थित निर्दलीय परिमल नाथवाणी को मैदान में उतारा गया है। राज्यसभा की एक सीट पर जीत के लिए 28 वोट की जरूरत है। जेएमएम के 34 विधायक है। ऐसे में देखें तो पार्टी के पास अपने उम्मीदवार की जीत के सुनिश्चित करने के बाद भी 6 सदस्यों के वोट बचेंगे।
वहीं, कांग्रेस के पास अपने 16 विधायक हैं। कांग्रेस को 12 वोट की जरूरत होगी। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के चार, लेफ्ट के दो विधायकों को मिला लें तो संख्या 22 पहुंचती है। ऐसे में कांग्रेस को अगर जीत सुनिश्चित करनी है, जेएमएम के 6 विधायकों का वोट महत्वपूर्ण हो जाता है। कांग्रेस को जीत और हार के बीच निर्णायक स्थिति में जेएमएम विधायकों के के हर एक वोट का महत्व समझ रही है और यही वजह है कि पार्टी को बड़ी वोट पाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।
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