रांची : झारखंड में 48 नगर निकायों में हो रहे चुनाव भले ही दलीय आधार पर नहीं हो रहा है, लेकिन बावजूद इसके सभी प्रमुख दलों ने अपने समर्थित उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है। नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन के बाद पार्टियों ने अपनी-अपनी ओर से पूरी ताकत झोंक दी है। राजधानी रांची में प्रदेश कांग्रेस ने नगर निकाय चुनाव के बहाने अपनी ताकत को दिखाने का निर्णय ले लिया है।
कांग्रेस नेतृत्व ने विधायकों, मंत्रियों और सीनियर नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करते हुए वार्डों से लेकर मेयर प्रत्याशी अथवा निकाय के अध्यक्ष के दावेदार को जिताने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने तमाम नेताओं को चुनाव में पार्टी समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार रांची नगर निगम के लिए अंतिम समय तक कांग्रेस और झामुमो के बीच से एक उम्मीदवार को खड़ा करने की तैयारी की जा रही थी। हालांकि इसके लिए किसी स्तर पर कोई पहल नहीं होने के कारण अंतिम समय में जेएमएम ने अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी। कांग्रेस की ओर से किसी भी नेता ने झामुमो के शीर्ष नेतृत्व तक अपनी बात नहीं पहुंचाई।
नगर निकाय का चुनाव उन नेताओं के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है जिन्होंने प्रदेश नेतृत्व और मंत्रियों के खिलाफ दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाई थी। इन नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
रांची नगर निगम क्षेत्र में खिजरी विधायक राजेश कच्छप के विधानसभा क्षेत्र में आठ वार्ड आते हैं। इसी प्रकार कांके विधायक सुरेश बैठा के क्षेत्र में 10 वार्ड हैं। इन दोनों को अपने-अपने इलाके के वार्डों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को जीत दिलाने की जिम्मेदारी दी गई है।
दूसरी ओर, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के क्षेत्र में एक वार्ड ही पड़ता है। यह वार्ड बनहौरा क्षेत्र में आता है जहां तिर्की का आवास भी है। इस कारण से पूरी पार्टी की नजर वहीं टिकी हुई है। राज्य के अन्य मंत्रियों और नेताओं को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी है लेकिन जिनके खिलाफ बगावत हुई थी उन्हें अधिक सावधान रहने की हिदायत दी गई है और सीट पर जीत सुनिश्चित करने को कहा गया है।
निकाय चुनाव में पार्टी के नेताओं को इस तरह की जिम्मेदारी दी गई है कि कोई भी अपने क्षेत्र से बाहर घूम नहीं सकता है। इसके बावजूद पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, रवींद्र सिंह, मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पाल मुंजनी आदि नेताओं को लगाया गया है। सभी किसी भी तरह की सूचना को सीधे प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अथवा सह प्रभारी को देंगे।


