झारखंड : झारखंड में कड़ाके की ठंड का प्रकोप लगातार जारी है। राज्य के कई जिलों में शीतलहर और कनकनी से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने मकर संक्रांति तक ठंड को लेकर अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क और सावधान रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में हो रही जोरदार बर्फबारी का असर अब आसपास के राज्यों में दिखने लगा है, जिसमें झारखंड भी शामिल है। पहाड़ों से आ रही सर्द हवाओं के कारण राज्य में तापमान लगातार गिर रहा है। इन ठंडी हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है और अगले 6 से 7 दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना जताई गई है।
ठंड का असर इस कदर बढ़ गया है कि अब ओस की बूंदें भी जमने लगी हैं। बीते 24 घंटों के दौरान खूंटी में न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। वहीं, रांची समेत कई इलाकों में सुबह और रात के समय तेज ठंडी हवाओं के कारण लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। कनकनी और शीतलहर ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सुबह-शाम सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं, जबकि बाजारों में गर्म कपड़ों की मांग भी तेजी से बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की ठंड में सर्दी, खांसी और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में गर्म कपड़े पहनने, गर्म पेय पदार्थ लेने और ठंडी हवा से बचने की जरूरत है। फिलहाल मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही बने रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें और ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाएं।


