रांची : साल 2023 में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी की ओर से भेजे गए समन की अवहेलान से जुड़े मामले में सीएम हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल व्यक्तिगत पेशी से छूट से संबंधित याचिका एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के मामले की सुनवाई मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट में हुई। मामले में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट से समय देने का आग्रह किया गया। इसके बाद कोर्ट ने मामले में 4 दिसंबर 2024 को जारी अंतरिम आदेश को समाप्त करते हुए रांची की एमपी/एमएलए कोर्ट को इस मामले में ट्रायल की प्रक्रिया जारी रखने और इस मामले में आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है।
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पिछले साल मिली थी राहत
सुनवाई के दौरान मामले में ईडी की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास ने पक्ष रखा। दरअसल पिछले साल 2024 में 4 दिसंबर को मामले में कोर्ट ने समन अवहेलना मामले में दिए गए अपने अंतरिम आदेश में सीएम हेमंत सोरेन को एमपी/ एमएलए कोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी थी। सीएम हेमंत सोरेन की ओर से एमपी/एमएलए कोर्ट के उक्त आदेश को रद्द करने का आग्रह करते हुए को याचिका दाखिल की गई थी. इस मामले को लेकर एमपी/एमएलए कोर्ट में कांड संख्या 2/ 2024 दर्ज है।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने किया था खारिज
इससे पहले एमपी/एमएलए मामले के विशेष कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट से संबंधित सीआरपीसी की धारा 205 के तहत दाखिल पिटीशन को खारिज कर दिया गया था और हेमंत सोरेन को मामले में व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होने को कहा था। जिसे हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए उक्त आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया था.


