रांची: 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा धांधली समेत अन्य परीक्षाओं की जांच मामले में सीआईडी ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल में बंद मामले के आरोपी व TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर व गोड्डा के पौड़ैयाहाट के निलंबित बीएसओ अभय तिवारी की पत्नी और भाई को गिरफ्तार किया है. मिली जानकारी के अनुसार इन दोनों पर अभय तिवारी पर जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में अवैध तरीके से सफलता हासिल करने का संगीन आरोप लगा है. इससे पहले सीआईडी ने चतरा जिले के पत्थलगड्डा प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) तेजनारायण पंडित को भी सोमवार को गिरफ्तार किया था.
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सीआईडी के अनुसार, जांच के दौरान मिले डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों से खुलासा हुआ कि अभय तिवारी ने एजेंसी के प्रभाव और नेटवर्क का इस्तेमाल कर अपने भाई और पत्नी को परीक्षा पास कराने में अहम भूमिका निभाई थी. दोनों अभ्यर्थियों ने फर्जीवाड़े और अनुचित साधनों के जरिए मेरिट लिस्ट में जगह बनाई थी. मुख्य आरोपी अभय तिवारी की गिरफ्तारी के बाद उससे हुई पूछताछ और जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डेटा विश्लेषण के आधार पर यह कार्रवाई की गई.
जांच एजेंसी अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि इस सिंडिकेट के जरिए अन्य कितने अभ्यर्थियों ने इन दोनों परीक्षाओं में अनुचित लाभ हासिल किया. सीआईडी दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने और जरूरत पड़ने पर रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीआईडी को इस भर्ती घोटाले में मास्टरमाइंड अभय तिवारी और उसके पारिवारिक संपर्कों से जुड़े कई पुख्ता वित्तीय और तकनीकी इनपुट मिले थे।

