न्यूज डेस्क: ऑनलाइन धोखाधड़ी और मानव तस्करी के खिलाफ चीन ने कड़ा रुख अपनाते हुए अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चीन ने म्यांमार के कुख्यात आपराधिक गिरोह ‘मिंग परिवार’ के 11 सदस्यों को फांसी दे दी है। चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक, इन दोषियों को गुरुवार को सजा-ए-मौत दी गई।
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जबरन ऑनलाइन धोखाधड़ी
रिपोर्टों के अनुसार, ‘मिंग परिवार’ उत्तरी म्यांमार के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था और वहां बड़े पैमाने पर ऑनलाइन स्कैम सेंटर चलाया करता था। इन केंद्रों में सैकड़ों नहीं, बल्कि हजारों लोगों को बंधक बनाकर उनसे जबरन ऑनलाइन धोखाधड़ी करवाई जाती थी। जो लोग विरोध करते थे, उन्हें प्रताड़ित किया जाता था और कई मामलों में उनकी हत्या तक कर दी जाती थी। इन अवैध गतिविधियों से अरबों डॉलर का काला कारोबार खड़ा किया गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मिंग परिवार उत्तरी म्यांमार के तथाकथित ‘चार परिवारों’ में से एक था। इन आपराधिक गिरोहों पर इंटरनेट धोखाधड़ी, वेश्यावृत्ति और मादक पदार्थों के उत्पादन से जुड़े सैकड़ों परिसरों को संचालित करने का आरोप था। इतना ही नहीं, इनके कई सदस्य स्थानीय प्रशासन और म्यांमार के सत्तारूढ़ सैन्य शासन से जुड़े मिलिशिया में प्रभावशाली पदों पर भी रह चुके थे।
नेटवर्क में करीब 10,000 लोग शामिल
चीनी मीडिया एजेंसी के अनुसार, जिन 11 लोगों को फांसी दी गई, उन्हें सितंबर में हत्या, अवैध हिरासत और धोखाधड़ी जैसे गंभीर अपराधों में दोषी ठहराया गया था। इस गिरोह का नेतृत्व मिंग जुचांग कर रहा था और इसका मुख्य ठिकाना चीन-म्यांमार सीमा के पास कोकांग क्षेत्र में स्थित कुख्यात ‘क्राउचिंग टाइगर विला’ माना जाता था। बताया जाता है कि इस नेटवर्क में करीब 10,000 लोग शामिल थे।
मानव तस्करी के जो लोग शिकार हुए उनके परिजनों की वर्षों पुरानी शिकायतों और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद चीन ने 2023 में इस गिरोह के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई शुरू की थी। फांसी से पहले दोषियों को अपने करीबी रिश्तेदारों से मिलने की अनुमति भी दी गई।


