हजारीबाग: हजारीबाग वन भूमि घोटाले में झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह मामला उनके हजारीबाग में उपायुक्त पद पर कार्यकाल के दौरान कथित रूप से की गई अनियमितताओं से जुड़ा है। एसीबी ने मंत्रिमंडल निगरानी एवं सचिवालय विभाग से अनुमति मिलने के बाद 25 सितंबर 2025 को हजारीबाग थाना कांड संख्या 11/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए एसीबी ने 11 जनवरी 2026 को निलंबित IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे को रिमांड पर लिया था।
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मामले में ये हैं आरोपी
इस मामले में विनय कुमार चौबे के साथ उनके करीबी और नेक्सजेन ऑटोमोबाइल के संचालक विनय सिंह समेत कई लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद एसीबी ने विनय सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। एसीबी की जांच में सामने आया है कि विनय कुमार चौबे के उपायुक्त रहते हुए हजारीबाग में वन भूमि से जुड़े पांच प्लॉटों की अवैध जमाबंदी कराई गई थी। ये जमाबंदी वर्ष 2013 में रद्द कर दी गई थी। जांच के अनुसार, यह भूमि गैरमजरूआ खास जंगल-झाड़ी श्रेणी की थी, जिसे बिना केंद्र सरकार की अनुमति गैर-वानिकी कार्यों के लिए उपयोग में लाया गया। यह सीधे तौर पर वन संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन माना गया है।
साजिश और मिलीभगत का आरोप
एसीबी का आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से खरीदार विनय सिंह ने आपराधिक साजिश के तहत इस वन भूमि की अवैध जमाबंदी कराई। इस पूरे मामले में नियमों की अनदेखी कर सरकारी भूमि का गलत इस्तेमाल किया गया।चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई अदालत में होगी। एसीबी का कहना है कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।


