दिल्ली: भारतीय सेना के लिए यह एक गर्व और सम्मान का क्षण है। जम्मू-कश्मीर की रहने वाली कैप्टन हंसजा शर्मा को आगामी गणतंत्र दिवस परेड में 251 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल सेना बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। कैप्टन हंसजा शर्मा भारतीय सेना की पहली महिला पायलट हैं, जिन्हें रुद्र सशस्त्र हेलीकॉप्टर उड़ाने का गौरव प्राप्त हुआ है। यह हेलीकॉप्टर भारतीय सेना के आर्मी एविएशन कॉर्प्स का एक अत्याधुनिक और शक्तिशाली कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है। इसका उपयोग सीमाओं पर निगरानी, आतंकवाद विरोधी अभियानों और सैन्य ऑपरेशनों में किया जाता है। रुद्र हेलीकॉप्टर को उड़ाना तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
Highlights:
पहली महिला पायलट
कैप्टन हंसजा शर्मा ने इस उपलब्धि से पहले भी कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। उन्होंने नासिक स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CAATS) में प्रशिक्षण के दौरान शानदार प्रदर्शन किया था। वह अपने कोर्स में फर्स्ट इन ऑर्डर ऑफ मेरिट रहीं और यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। उनकी इस उत्कृष्ट सफलता के लिए उन्हें सिल्वर चीता ट्रॉफी से सम्मानित किया गया, जो कोर्स के सर्वश्रेष्ठ कॉम्बैट एविएटर को दी जाती है।
यह सम्मान सेना में उनके कौशल, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। कैप्टन हंसजा शर्मा की सफलता इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। आज महिलाएं सेना के हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की सेवा कर रही हैं, चाहे वह लड़ाकू विमान उड़ाना हो या सीमाओं पर कठिन ऑपरेशनों का नेतृत्व करना।
युवाओं के लिए प्रेरणा
गणतंत्र दिवस परेड में 251 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन का नेतृत्व करना कैप्टन हंसजा शर्मा के करियर की एक और ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। उनका नेतृत्व देश के युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेगा, जो सेना में करियर बनाने का सपना देखती हैं। कैप्टन हंसजा शर्मा की यह उपलब्धि न केवल भारतीय सेना बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि मेहनत, साहस और आत्मविश्वास के बल पर हर चुनौती को पार किया जा सकता है और देश सेवा के रास्ते में कोई भी सीमा आड़े नहीं आती।


