Tuesday, July 21, 2026

BPSC ने जारी किया परीक्षा कैलेंडर, TRE-4 के नहीं होने पर शिक्षक अभ्यर्थियों ने जताई नाराजगी

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा 2026 तक आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किए जाने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षा कैलेंडर में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 का जिक्र नहीं होने से शिक्षक अभ्यर्थियों में गुस्सा और निराशा दोनों देखी जा रही है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार और आयोग जानबूझकर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को टाल रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर आज छात्र नेता दिलीप कुमार प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं।

कैलेंडर में TRE-4 का नाम नहीं

BPSC ने सोमवार को 2026 तक होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का संभावित कैलेंडर जारी किया था। इसमें 70वीं, 71वीं और 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CCE), न्यायिक सेवा परीक्षा, सहायक लोक अभियोजक (APO), तकनीकी और प्रशासनिक पदों समेत 50 से अधिक भर्तियों की संभावित तिथियां दी गई हैं। इसके अलावा विशेष शिक्षक और सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी जैसी भर्तियों का भी उल्लेख है, लेकिन शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। इसी बात को लेकर शिक्षक अभ्यर्थी सवाल उठा रहे हैं कि जब अन्य सभी भर्तियों की तारीखें तय की जा रही हैं, तो TRE-4 को क्यों छोड़ा गया।

अभ्यर्थियों में बढ़ा आक्रोश

TRE-4 का कैलेंडर से गायब होना हजारों शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए झटका साबित हुआ है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से इस परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। कई अभ्यर्थी उम्र सीमा और आर्थिक दबाव जैसी समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इस मुद्दे को लेकर छात्र नेता दिलीप कुमार आज दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। माना जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सरकार और BPSC से TRE-4 को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा जाएगा।

9 फरवरी को आंदोलन का ऐलान

ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन की नेता खुशबू पाठक ने भी सरकार और आयोग पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले दो साल से शिक्षक अभ्यर्थियों को सिर्फ आश्वासन दे रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। खुशबू पाठक ने ऐलान किया है कि 9 फरवरी को पटना में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन की शुरुआत पटना कॉलेज से होगी और उस दिन विधानसभा सत्र चलने के कारण विधानसभा घेराव भी किया जाएगा। अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों का आरोप है कि सरकार ने पहले एक लाख से ज्यादा शिक्षक पदों पर भर्ती का वादा किया था। बाद में यह संख्या घटाकर करीब 26 हजार कर दी गई। अब स्थिति यह है कि सरकार इन पदों पर भी भर्ती को लेकर स्पष्ट नजर नहीं आ रही है। छात्र संगठनों का कहना है कि सरकार केवल बयानबाजी कर रही है।

शिक्षा मंत्री का पक्ष

इस पूरे विवाद पर शिक्षा मंत्री पहले ही अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने कहा था कि बिहार देश का पहला राज्य है, जहां दो वर्षों में 2.70 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। मंत्री के अनुसार, शिक्षक भर्ती एक पूरी तरह सरकारी प्रक्रिया है, जिसमें रोस्टर क्लीयरेंस जरूरी होता है। उन्होंने बताया था कि चुनाव के कारण भर्ती प्रक्रिया में देरी हुई है। फिलहाल आधे जिलों से रोस्टर क्लीयरेंस मिल चुका है, जबकि बाकी जिलों का इंतजार है। शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा था कि TRE-4 के तहत करीब 25 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती की संभावना है। विषयवार जरूरत का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया था कि जनवरी के बाद TRE-4 की प्रक्रिया शुरू होगी। अब सबकी नजर BPSC और राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी है। यदि जल्द TRE-4 को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन और तेज होने की संभावना है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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