मनोरंजन: बॉलीवुड में 90 के दशक के अंत और 2000 के शुरुआती दौर में विक्रम भट्ट एक जाना-माना नाम था। अपने शानदार निर्देशन की बदौलत उन्होंने गुलाम, राज, मर्डर, कसूर जैसी सुपरहिट फिल्में दीं। हालांकि बाद के वर्षों में वह फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में कम सक्रिय दिखे, लेकिन हाल ही में उनके नाम से जुड़ा एक विवाद चर्चा में आया है। 56 वर्षीय विक्रम भट्ट पिछले तीन दशकों से बॉलीवुड में सक्रिय हैं, लेकिन इस बार मामला फिल्मी यात्रा नहीं बल्कि एक गंभीर वित्तीय विवाद से जुड़ा है।
निर्देशक विक्रम भट्ट के साथ आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज
दरअसल, यह मामला राजस्थान के उदयपुर से जुड़ा है। उदयपुर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. अजय मुर्डिया ने फिल्म निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में बॉलीवुड के निर्देशक विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी, पुत्री कृष्णा, स्थानीय कारोबारी दिनेश कटारिया, निर्माता महबूब अंसारी समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले में एफआईआर भूपालपुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है.
शिकायत के अनुसार, डॉ. मुर्डिया ने आरोप लगाया कि विक्रम भट्ट ने उनकी दिवंगत पत्नी इंदिरा की स्मृति में बायोपिक फिल्म बनाने का भरोसा दिया। इस विश्वास के आधार पर डॉ. मुर्डिया ने चार फिल्मों के निर्माण के लिए समझौते किए। इसमें से दो फिल्में रिलीज हुई, एक काम शुरू हुआ लेकिन बीच में ही बंद कर दिया गया और चौथी फिल्म अब तक शुरू ही नहीं हुई. पिछले डेढ़ साल में अलग अलग तरीकों से लगभग 44 करोड़ रूपए की ठगी की गई. दरअसल यह मामला है क्या, आइए अब पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं,
चार फिल्मों के निर्माण का समझौता
मामले की शुरुआत 26 मार्च 2024 को होती है, जब डॉ. मुर्डिया ने अपनी पत्नी इंदिरा की पुण्यतिथि पर भजन गायक अनूप जलोटा का कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम को स्थानीय कारोबारी दिनेश कटारिया की देखरेख में आयोजित किया गया। इसी दौरान दिनेश कटारिया ने डॉ. मुर्डिया को भरोसा दिलाया कि उनकी पत्नी की स्मृति में बायोपिक फिल्म बनकर उन्हें 100 से 200 करोड़ रुपए का मुनाफा होगा। इसके बाद दिनेश ने डॉ. मुर्डिया को लगभग एक महीने के बाद यानी 25 अप्रैल 2024 को मुंबई के वृंदावन स्टूडियोज़ ले जाकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी से मिलवाया। इस मुलाकात के दौरान चार फिल्मों के निर्माण का समझौता किया गया।
दो फिल्मों के लिए 40 करोड़ रुपए की टर्म शीट बनी थी
इन चार फिल्मों में से दो फिल्में “तुमको मेरी कसम” और “तू मेरी पूरी कहानी” बनकर साल 2025 के अलग अलग महीनों में रिलीज़ हुगईं। तीसरी फिल्म विश्व विराट का केवल 25 प्रतिशत हिस्सा तैयार हुआ, जबकि चौथी फिल्म महाराणा रण की शूटिंग तक शुरू नहीं हुई। भट्ट दंपति ने फिल्म बनाने की हामी भरी और अपनी कंपनी वीएसबी एलपीपी के माध्यम से एग्रीमेंट किए। पहले दो फिल्मों के लिए 40 करोड़ रुपए की टर्म शीट बनी थी, लेकिन बाद में चार फिल्मों के लिए कुल 47 करोड़ रुपए का करार हुआ। इसके बाद इंदिरा एंटरटेनमेंट का गठन किया गया। डॉ. मुर्डिया का आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी वाउचर और दस्तावेज़ बनाकर 44 करोड़ रुपए रिलीज़ किए, जिसमें से 30 करोड़ रुपए आरोपियों ने अपने बीच बांट लिए।
डॉ. मुर्डिया ने पुलिस से गुहार लगाई है कि मामले की जांच पूरी ईमानदारी और गहराई से की जाए, ताकि उनकी दिवंगत पत्नी की स्मृति का दुरुपयोग करने वालों को सजा मिल सके। उनका कहना है कि उनकी पत्नी की याद का सम्मान करना उनका कर्तव्य है और वह किसी भी कीमत पर इस सम्मान का अपहरण नहीं होने देंगे।
आरोपों को लेकर विक्रम भट्ट का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं
ठगी के इन आरोपों को लेकर विक्रम भट्ट का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है लेकिन मीडिया में आई खबरों के मुताबिक विक्रम भट्ट ने इस मामले में अपने बयान में कहा कि फिल्म विश्व विराट इसलिए रोकी गई क्योंकि शिकायतकर्ताओं का आईपीओ आ रहा था। उनके पास ईमेल और कॉन्ट्रैक्ट्स के सभी सबूत मौजूद हैं। उन्होंने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि पुलिस को गुमराह किया गया। उन्होंने आगे कहा, “अगर मैंने डॉ. मुर्डिया को बेवकूफ बनाया है, तो उन्होंने मेरे साथ तीसरी फिल्म क्यों बनाई?” उनका कहना है कि शिकायतकर्ता अपने वर्कर्स को भुगतान नहीं कर रहे थे और उनके पास सभी ईमेल सबूत मौजूद हैं।
इस बीच इस मामले को लेकर उदयपुर पुलिस के एसपी योगेश गोयल ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने विक्रम भट्ट, श्वेतांबरी, कृष्णा, दिनेश कटारिया, महबूब अंसारी, मुदित, गंग्वेशरलाल और अशोक दुबे के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच में सभी एग्रीमेंट, वाउचर और बैंक ट्रांजेक्शन की पड़ताल की जा रही है। मुंबई और उदयपुर में फिल्म निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेज़ और सबूत भी खंगाले जा रहे हैं।
ऐसे फर्जीवाड़े समय-समय पर सामने आते रहे हैं
इस मामले को लेकर फिल्म विशेषज्ञों का क्या कहना है, फिल्म विशेषज्ञों का कहना है कि फिल्म निर्माण के नाम पर ऐसे फर्जीवाड़े समय-समय पर सामने आते रहे हैं। लेकिन किसी प्रतिष्ठित परिवार के नाम का इस्तेमाल करना और करोड़ों की ठगी करना सामाजिक और कानूनी दृष्टि से गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों से फिल्म उद्योग की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं। उधर उदयपुर में भी इस घटना को लेकर लोगों में प्रतिक्रिया है कि बड़े नाम और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ भी धोखाधड़ी हो सकती है। फिल्ममेकर विक्रम भट्ट के लिए यह समय मुश्किल भरा साबित हो सकता है। उनके खिलाफ उदयपुर में फिल्म प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज हुई है और पुलिस जांच जारी है। चाहे मामले का नतीजा कुछ भी हो, यह घटना फिल्म इंडस्ट्री और समाज के लिए चेतावनी की तरह है कि किसी के भी नाम और प्रतिष्ठा का गलत इस्तेमाल हो सकता है।
Haunted 3D : Ghosts of past
विक्रम भट्ट की आने वाली फिल्म Haunted 3D : Ghosts of past, इन दिनों बेहद चर्चे में है, jo 30 january , 2026 में रिलीज होनी वाली है। इससे पहले तुमको मेरी कसम फिल्म इसी साल 21 मार्च को रिलिज हुई थी। जिसमें अनुपम खेर ने मुख्य भूमिका निभाई थी।


