रांची : झारखंड सरकार के निर्देश पर बोकारो कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े मामले में CID ने शुक्रवार को एक बार फिर से बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी काजल मंडल को गिरफ्तार किया है, जो बोकारो जिले में आरक्षी के पद पर कार्यरत है और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लेखा शाखा में प्रतिनियुक्त था। इससे पहले भी बुधवार को सीआईडी की एसआईटी ने होमगार्ड जवान अशोक कुमार भंडारी को गिरफ्तार किया था और उसके बाद गुरूवार को उसके कई ठिकानों पर छापेमारी की थी.
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इस संबंध में शुक्रवार को सीआईडी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी काजल मंडल पहले से गिरफ्तार मुख्य आरोपी लेखापाल कौशल कुमार पांडेय का सहयोगी रहा है। सीआईडी की अब तक की जांच में खुलासा हुआ कि कौशल पांडेय के खाते से भेजी गई राशि और यात्रा मद से प्राप्त धन में से कुल 8.75 लाख रुपये की निकासी की गई थी। आरोपी के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर यह राशि उसके बोकारो स्थित आवास से बरामद की गई।
इससे पहले इस मामले में तीन अन्य आरोपियों कौशल कुमार पांडेय (लेखापाल), सतीश कुमार उर्फ सतीश कुमार सिंह (गृह रक्षक वाहिनी) और एसओजी जवान अशोक कुमार भंडारी (लेखा शाखा) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। जांच के दौरान SIT ने कई अहम संपत्तियों और दस्तावेजों को जब्त किया है।
जब्त संपत्तियों व दस्तावेजों में तेलीडीह, बोकारो स्थित 4.08 डिसमिल भूमि से संबंधित कागजात और उस पर निर्मित तीन मंजिला मकान शामिल है। इसके अलावा 4.98 डिसमिल भूमि के दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। बैंक खातों में जमा 1 करोड़ 93 लाख रुपये और 18 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट को फ्रीज (सीज) किया गया है। साथ ही, 8.75 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। CID की इस कार्रवाई से बोकारो कोषागार घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच तेज हो गई है।




