गोड्डा: झारखंड के गोड्डा में शनिवार शाम सनसनीखेज वारदात हुई। बिहार के समस्तीपुर (पटोरी) में तैनात एक न्यायिक जज की पत्नी को सरेआम गोलियों से भून दिया गया। घायल महिला का आरोप है कि उसके जज पति ने अपने भाइयों के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची, क्योंकि वह रास्ते का कांटा बनी हुई थी।
कोर्ट से गवाही देकर लौट रही थी पीड़िता
पीड़िता की पहचान वंदना कुमारी के रूप में हुई है। वंदना शनिवार को गोड्डा कोर्ट में अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ चल रहे दहेज प्रताड़ना और मेंटेनेंस केस में गवाही देने पहुंची थी। शाम को जब वह कोर्ट से लौट रही थी, तभी बाइक सवार चार बदमाशों ने उसका पीछा किया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वंदना को दो गोलियां लगीं—एक उसके जबड़े में और दूसरी पीठ में।
अवैध संबंध और दहेज की बलि चढ़ी शादी
अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही वंदना ने पुलिस को दिए बयान में अपने पति संतोष कुमार साह (न्यायिक जज, पटोरी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वंदना का कहना है कि उनके पति का प्रीतम कुमारी नाम की लड़की के साथ अवैध संबंध है, जिसके कारण वह उसे रास्ते से हटाना चाहते हैं। साथ ही पीड़िता ने बताया कि 2019 में शादी के बाद जब संतोष की नौकरी लगी, तो उनका व्यवहार बदल गया और 15 लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना शुरू हो गई। इसके साथ वंदना ने दावा किया कि गोली चलाने वालों में उसके दो देवर (गुड्डू साह व एक अन्य) भी शामिल थे।
शादी के 1 साल बाद ही तलाक की अर्जी
परिजनों के अनुसार, 2019 में धूमधाम से शादी हुई थी, लेकिन खुशियां साल भर भी नहीं टिकीं। 2020 में दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज हुआ और 2021 में मेंटेनेंस का मामला शुरू हुआ। वंदना की मां उर्मिला देवी ने मीडिया को बताया कि “हमने अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च किया, लेकिन दामाद को और पैसा चाहिए था। वह दूसरी लड़की के चक्कर में मेरी बेटी की जान लेना चाहता है।”
पुलिस की कार्रवाई
इस पूरे घटना पर गोड्डा के SDPO अशोक पिप्पलवार ने बताया कि महिला के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली गई है। पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं। वहीं पीड़िता, वंदना की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।


