बिहार : बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में अब चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द होना तय है। चुनाव आयोग के सामने यह चुनौती है कि समय पर चुनाव संपन्न कराकर नई विधानसभा का गठन किया जाए।
4 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त का दौरा
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार 4 अक्टूबर को पटना पहुंचेंगे। उनका यह दौरा पूरी तरह चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए है। राज्य में सुरक्षा इंतजाम, वोटर लिस्ट और लॉजिस्टिक्स जैसे मुद्दों पर वे नजर डालेंगे।
महत्वपूर्ण बैठक पर सबकी नजर
चुनावी माहौल में सबसे ज्यादा चर्चा उस बैठक की है, जो 4 अक्टूबर की सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होटल ताज सिटी सेंटर, पटना में होगी। इस बैठक में चुनाव आयोग के अधिकारी और सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
कौन-कौन होंगे शामिल
इस बैठक में राजद (RJD), भाजपा (BJP), जनता दल (यूनाइटेड), कांग्रेस सहित अन्य दलों के नेता हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि चुनावी आचार संहिता, मतदान केंद्रों की व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
राजनीतिक दलों की रणनीति पर असर
बैठक से पहले राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। आरजेडी और महागठबंधन जहां सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, वहीं एनडीए भी दिल्ली और पटना में लगातार रणनीति बना रहा है। चुनाव आयोग की यह बैठक उनकी चुनावी तैयारियों की दिशा तय कर सकती है।
जनता की निगाहें तारीखों के ऐलान पर
बिहार की जनता फिलहाल एक ही सवाल पूछ रही है- चुनाव कब होंगे? पिछले चुनावों के अनुभव बताते हैं कि घोषणा के कुछ हफ्तों बाद ही मतदान हो जाता है। ऐसे में 4 अक्टूबर की समीक्षा बैठक के बाद चुनावी तारीखों का ऐलान जल्दी हो सकता है।
बिहार में चुनावी हलचल तेज हो चुकी है। 4 अक्टूबर की पटना बैठक न केवल राजनीतिक दलों के लिए अहम है बल्कि राज्य की जनता भी इसी दिन से चुनावी बिगुल बजने की उम्मीद कर रही है।


