Tuesday, July 21, 2026

जयपुर में बड़ा बस हादसा : हाईटेंशन लाइन से टकराई बस में आग, तीन की मौत, दस मजदूर घायल

जयपुर : राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर मनोहरपुर इलाके में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। मजदूरों से भरी एक निजी बस अचानक हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गई, जिससे बस में करंट दौड़ गया। करंट लगते ही बस में आग लग गई और कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया।
बस में करीब 20 मजदूर सवार थे, जिनमें से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग झुलस गए। हादसा इतना भयानक था कि कई मजदूरों को बस से बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास के लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया।

गैस सिलेंडर के फटने से बढ़ी आग, बस जलकर खाक

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में कई गैस सिलेंडर रखे हुए थे, जिन्हें मजदूर अपने साथ लाए थे। हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने के बाद बस में आग लगते ही उन सिलेंडरों में विस्फोट हो गया। विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के गांवों तक सुनाई दी। आग लगने के बाद बस से धुआं और लपटें उठने लगीं। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीमों ने आग पर काबू पाने में करीब एक घंटे का समय लिया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।

प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा

हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर जितेंद्र सोनी, एसपी जयपुर ग्रामीण और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल 5 मजदूरों को जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल में रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हॉस्पिटल प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और बर्न वार्ड में अतिरिक्त डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। पुलिस ने मृतकों के परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश शुरू कर दी है। मनोहरपुर थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि घायलों में से दो की हालत नाजुक बताई जा रही है।

यूपी से मजदूरी करने आए थे सभी मजदूर

पुलिस जांच में यह सामने आया है कि बस उत्तर प्रदेश से जयपुर मजदूरी करने आए मजदूरों को लेकर आ रही थी। ये सभी लोग टोडी क्षेत्र के एक ईंट भट्टे पर काम करने जा रहे थे। मृतकों की पहचान पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) निवासी नसीम (50 वर्ष) पुत्र अली हुसैन, सहीनम (20 वर्ष) पुत्री नसीम के रूप में हुई है। तीसरे मृतक की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है। पुलिस डीएनए सैंपल लेकर जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मजदूरों का यह समूह हर साल जयपुर आता है और भट्टों पर सीजनल काम करता है।

हादसे की वजह की जांच शुरू

एसीबी और बिजली विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हाईटेंशन बिजली लाइन काफी नीचे थी, जिससे बस की छत उसका संपर्क में आ गई। जांच अधिकारी के मुताबिक, यह लाइन कई वर्षों पुरानी है और क्षेत्र में पेड़ों की कटाई या सड़क ऊंचाई बढ़ने के बाद इसका स्तर नीचे हो गया था।फिलहाल बिजली विभाग के इंजीनियरों को सुरक्षा मानकों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने हादसे के लिए बस मालिक और बिजली विभाग की लापरवाही को भी जांच के दायरे में लिया है।

जयपुर के SMS हॉस्पिटल में इलाज जारी

जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में भर्ती घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हॉस्पिटल के अधीक्षक ने बताया कि पांचों मरीजों के शरीर का 40 से 60 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया है। उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है और सभी को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने सभी घायलों के परिवारों को सूचित कर दिया है और उन्हें आर्थिक सहायता देने की बात कही है।

हाल के दिनों में लगातार बस हादसे

हाल के दिनों में राजस्थान और अन्य राज्यों में बस में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं।

  • 14 अक्टूबर : जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर चलती एसी बस में आग लगने से 27 यात्रियों की मौत हुई थी।
  • 24 अक्टूबर : आंध्र प्रदेश के कुरनूल में बाइक से टक्कर के बाद बस में आग लगी, 20 लोग जलकर मरे।
  • 25 अक्टूबर : मध्यप्रदेश के अशोकनगर में बस में आग लगी, हालांकि सभी यात्री सुरक्षित बच गए।
  • 26 अक्टूबर : लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर एसी बस का टायर फटने के बाद आग लगी, 70 यात्री बाल-बाल बचे।

इन लगातार हादसों ने बस सुरक्षा और मेंटेनेंस सिस्टम पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया

जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को अंतरिम मुआवजा देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी हादसे पर शोक व्यक्त किया गया है और उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जयपुर पुलिस ने बस के ड्राइवर और मालिक के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है। ड्राइवर फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है।

जयपुर के मनोहरपुर में हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और बिजली लाइन प्रबंधन की लापरवाही की ओर इशारा करता है। अगर हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई और बस के रूट की सुरक्षा जांच समय पर की गई होती, तो शायद इन मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी। घटना ने न केवल प्रशासन को सतर्क किया है, बल्कि यह सवाल भी उठाया है कि क्या मजदूरों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं या नहीं।

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एयर नाऊ स्पेशल

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