बांग्लादेश : बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अगले संसदीय चुनाव के दिन ही जनमत संग्रह कराने का निर्णय लिया है. मुख्य सलाहकार प्रोफ़ेसर मोहम्मद यूनुस ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में यह बात कही. पिछले साल छात्रों के नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद तैयार किए गए ‘जुलाई चार्टर’ को लागू करने के लिए ये जनमत संग्रह होगा. अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने कहा कि संसदीय चुनाव फ़रवरी में कराए जाएंगे और चुनाव के दिन ही जनमत संग्रह भी कराया जाएगा.
उन्होंने कहा है कि जनमत संग्रह के लिए मतपत्र के साथ ही वोटरों से चार सवालों के जवाब ‘हाँ’ या ‘नहीं’ में मांगे जाएंगे. अगर ज़्यादा वोटरों ने ‘हाँ’ के पक्ष में वोटिंग की तो बांग्लादेश में एक संवैधानिक सुधार परिषद का गठन किया जाएगा जो संविधान में संशोधन करेगी. दरअसल ‘जुलाई चार्टर’ का मक़सद देश की राजनीति और संस्थागत ढांचे में सुधार लाना था.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ अक्तूबर महीने में बांग्लादेश के ज़्यादातर राजनीतिक दलों ने इस चार्टर पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन पिछले साल के आंदोलन के नेताओं और चार वामपंथी दलों के बनाए नेशनल सिटिज़न्स पार्टी (एनसीपी) ने इसका बहिष्कार किया था. एनसीपी का कहना था कि चार्टर में किए गए वादों को लागू करने के लिए कोई क़ानूनी ढांचा या ज़रूरी गारंटी नहीं दी गई है.
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