कटिहार: बिहार में एक बार फिर वंदे भारत एक्सप्रेस को निशाना बनाया गया है। शनिवार को पटना से न्यू जलपाईगुड़ी जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 22234) पर कटिहार-बरौनी रेलखंड पर मानसी-महेशखूंट स्टेशन के बीच भीषण पत्थरबाजी की गई। इस हमले में ट्रेन की सी-2 बोगी के गेट का शीशा टूट गया, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई।
हालांकि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन इसने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और शरारती तत्वों के दुस्साहस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे है पूरी घटना?
ट्रेन के खगड़िया स्टेशन से खुलने के बाद जब मानसी और महेशखूंट स्टेशन के बीच से गुज़र रही थी, तभी अचानक पत्थरबाजी हुई। पत्थर सीधे सी-2 बोगी के गेट के शीशे पर लगे, जिससे शीशा टूट गया। ट्रेन कर्मियों ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी। बोगी में मौजूद एस्कॉर्ट पार्टी को सक्रिय कर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। जिसके बाद ट्रेन के नवगछिया स्टेशन पहुँचने पर जीआरपी और आरपीएफ अधिकारियों ने बोगी की जाँच की।
FIR दर्ज, शरारती तत्वों की पहचान शुरू
घटना को लेकर पुलिस अधिकारियों ने आधिकारिक पुष्टि की है। मानसी के आरपीएफ इंस्पेक्टर ज्ञानेश कुमार झा ने बताया कि “मानसी-महेशखूंट के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस पर स्टोन पेल्टिंग की घटना हुई है। इस संबंध में मामला दर्ज किया जा रहा है और वीडियो फुटेज एवं स्थानीय सूचनाओं के आधार पर शरारती तत्वों की पहचान करने का काम तेज़ी से शुरू कर दिया गया है।”
नवगछिया के आरपीएफ और जीआरपी अधिकारियों ने घटना के संबंध में टिप्पणी करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि यह उनके अधिकार क्षेत्र की घटना नहीं है।
रेलवे प्रशासन ने इस तरह की घटनाओं को विकास की राह में बाधा डालने वाला कृत्य बताया है और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। इस घटना ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा और चलती ट्रेन पर पथराव जैसी आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित किया है।


