रांची: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में भोजपुरी और मगही भाषा को शामिल करने की मांग पर अब सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। इस मुद्दे पर फैसला लेने के लिए गठित विशेष कमेटी की बैठक सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित होगी। बैठक सुबह 11:30 बजे शुरू होगी, जिसमें पांच मंत्री शामिल होकर इस विषय पर मंथन करेंगे।
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लंबे समय से उठ रही है मांग
झारखंड में भोजपुरी और मगही भाषा को जेटेट में शामिल करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। खासकर राज्य के सीमावर्ती जिलों में इन भाषाओं को बोलने वाली बड़ी आबादी रहती है। ऐसे में वहां के अभ्यर्थियों और सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार इन भाषाओं को परीक्षा में शामिल करने की मांग उठती रही है। झारखंड में भाषा को लेकर विवाद पहले भी कई बार सामने आ चुका है। राज्य में क्षेत्रीय और स्थानीय भाषाओं को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस होती रही है। इसी कारण सरकार इस मामले में बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ रही है ताकि सभी पक्षों की भावनाओं का ध्यान रखा जा सके।
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पांच मंत्रियों की कमेटी करेगी विचार-विमर्श
सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए पांच मंत्रियों की विशेष समिति बनाई है। इस कमेटी में दीपिका पांडे सिंह, राधाकृष्ण किशोर, संजय यादव, योगेंद्र प्रसाद और सुदिव्य कुमार सोनू शामिल हैं। सरकार ने समिति के गठन में क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है। इस बैठक को लेकर जेटेट अभ्यर्थियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि बैठक में भोजपुरी और मगही को परीक्षा में शामिल करने के पक्ष और विपक्ष दोनों पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बैठक के बाद सरकार आगे की दिशा तय कर सकती है।



