रांची : रांची के कारोबारी अमित गुप्ता 734 करोड़ रुपये के GST घोटाले में मुख्य आरोपियों में शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि उसने अपनी पांच कंपनियों के माध्यम से अकेले 35.28 करोड़ रुपये का फर्जी ITC लाभ उठाया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस घोटाले की जांच के दौरान उसकी 10 संपत्तियों को जब्त किया है। इस मामले में अब तक चार लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और जांच जारी है।
कुल फर्जी लाभ और गिरफ्तारियां
GST घोटाले की जांच में अब तक यह पाया गया है कि अभियुक्तों द्वारा कुल 67 करोड़ रुपये का गलत ITC लाभ लिया गया। घोटाले में अब तक चार लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों में जमशेदपुर के अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया और तीन लोग कोलकाता के हैं। मामले का मास्टरमाइंड शिव कुमार देवड़ा है। देवड़ा का बेटा मोहित देवड़ा और अमित गुप्ता भी इस घोटाले में शामिल हैं। अमित गुप्ता को घोटाले का वित्तीय प्रबंधन संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी।
अमित गुप्ता की भूमिका और वित्तीय प्रबंधन
ईडी (Enforcement Directorate) की जांच में पाया गया कि अमित गुप्ता ने नकदी राशि का प्रबंधन करते हुए इसे हवाला कारोबारियों, शेल कंपनियों और बैंकिंग चैनलों के माध्यम से वैध दिखाने की कोशिश की। इसका उद्देश्य GST घोटाले से प्राप्त नकदी को अपनी कंपनियों की वैध आय के रूप में पेश करना था।
पूछताछ और संपत्ति की जब्ती
जांच में यह भी सामने आया कि अमित गुप्ता ने ईडी के समक्ष घोटाले में अपनी संलिप्तता और वित्तीय प्रबंधन की भूमिका स्वीकार की। उसने यह भी माना कि फर्जी ITC से मिली आय से उसने 15 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति खरीदी। ईडी ने उसके कोलकाता में खरीदी गई 10 संपत्तियों को जब्त कर लिया है।
जांच की वर्तमान स्थिति
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ है कि GST प्रणाली में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग की घटनाएं हो रही हैं। जांच अब भी जारी है और अन्य आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास लगातार चल रहे हैं।


