देश : वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 वर्ष की उम्र में अमेरिका में निधन हो गया.खबरों के मुताबिक, अग्निवेश अग्रवाल निजी यात्रा और अवकाश के सिलसिले में अमेरिका गए थे. इसी दौरान वे स्कीइंग गतिविधि में शामिल हुए, जहां उन्हें चोट लगी. इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया. बेटे के निधन के बाद अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर बेहद ही भावुक पोस्ट लिखा और बुधवार को अपने जीवन का सबसे दर्दनाक दिन बताया.
Highlights:
विदेश में रहकर की पढ़ाई
अग्निवेश अग्रवाल ने अमेरिका से अपनी पढ़ाई पूरी की. उच्च शिक्षा लेने के बाद वो सीधे अपने पिता की कंपनी यानी वेदांता समूह में शामिल नहीं हुए, बल्कि उन्होंने कुछ समय विदेश में रहकर प्रोफेशनल एक्सपोजर लिया, ताकि ग्लोबल बिजनेस मॉडल, फाइनेंस और कॉरपोरेट गवर्नेंस को करीब से समझ सकें.
वेदांता ग्रुप में क्या थी उनकी भूमिका
भारत लौटने के बाद अग्निवेश अग्रवाल, वेदांता ग्रुप की प्रमुख समूहों से जुड़े. वे तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल थे. यह कंपनी पंजाब की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर परियोजनाओं में से एक है. बोर्ड मेंबर के रूप में उनकी भूमिका कंपनी की स्ट्रैटजी यानी नीति निर्धारण, निवेश के फैसलों और दीर्घकालिक रणनीति से जुड़ी थी. वे सीधे तौर पर तो डेली ऑपरेशन में हस्तक्षेप नहीं किया करते थे, लेकिन कॉरपोरेट स्ट्रैटेजी और विस्तार योजनाओं पर फोकस रखते थे. अग्निवेश अग्रवाल लाइमलाइट से दूर रहने वालों में से एक उद्योगपति थे. वे सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर कम ही दिखते थे.


