न्यूज डेस्क : इटली के मिलान शहर में बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसक झड़पें हुई हैं. वीकेंड पर पांच हज़ार से ज़्यादा लोग प्रदर्शन के लिए जुटे. प्रदर्शनकारियों में से कई ने मास्क पहन रखे थे. उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पत्थर, कूड़ेदान और कुर्सियां फेंकीं. इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें कीं. मिलान में शनिवार को शुरू हुई झड़पें रविवार तक जारी रहीं.
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इटली की समाचार एजेंसी अंसा के मुताबिक़, इस दौरान 200 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 80 फ़ीसदी नाबालिग थे. इसके बाद प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी सोमवार को सुरक्षा के मुद्दे पर आपात बैठक कर रही हैं. मेलोनी ने शनिवार को कहा, “प्रदर्शन करना एक अधिकार है. लेकिन हमारे शहरों को बर्बाद करना नहीं.” उन्होंने आरोप लगाया कि “उपद्रवियों” ने प्रदर्शनों का फ़ायदा उठाकर अराजकता फैलाने की कोशिश की.
मिलान के मेयर ग्यूसेपे साला ने कहा कि उन्हें चिंता है कि यह एक “नई घटना” है, जिसकी शुरुआत अंतरराष्ट्रीय हालात से हुई है और जो अब ख़ुद को आगे बढ़ा रही है. अंसा से बात करते हुए साला ने कहा कि उन्होंने “दुकानों के टूटे हुए शीशे, लूटी गई दुकानें और डरे हुए नागरिक” देखे. उन्होंने कहा, “यहां जो हुआ, वैसा ही हम दुनिया के कई शहरों में देख रहे हैं.”
यूरोप के दूसरे देशों में भी युवाओं के नेतृत्व में हो रहे ज़्यादातर शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और दंगे हुए हैं. इनमें फ़्रांस, स्पेन और अल्बानिया शामिल हैं.

