रांची : शराब घोटाले और हजारीबाग भूमि घोटाले की जांच कर रही एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को अब एक और बड़ा सुराग मिला है। जांच में पता चला है कि निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे के साले शीपीज त्रिवेदी, उनकी पत्नी प्रियंका त्रिवेदी और कारोबारी विनय सिंह के बीच करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है। विनय चौबे और कारोबारी विनय सिंह फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
Highlights:
हजारीबाग भूमि घोटाले के समय थे उपायुक्त
जानकारी के मुताबिक, जब हजारीबाग में भूमि घोटाले का मामला हुआ था, उस वक्त विनय चौबे वहां के उपायुक्त (DC) के पद पर तैनात थे। इस दौरान कई जमीनों की खरीद-बिक्री में भारी अनियमितताएं और घोटाले सामने आए थे।
एसीबी को मिले ठोस सबूत
एसीबी की अब तक की जांच में कई अहम वित्तीय लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं। जांच में सामने आया है कि विनय सिंह की कंपनियों (ब्रह्मास्त्र एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड, स्काई फ्लायर बिजनेस एडवाइजर प्राइवेट लिमिटेड और ट्रिव टर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड) से न केवल विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता, बल्कि उनके साले शीपीज त्रिवेदी और प्रियंका त्रिवेदी के खातों में भी लाखों रुपये ट्रांसफर किए गए हैं।
बैंक ट्रांजैक्शन से खुला मामला
एसीबी ने रांची स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की मेन रोड शाखा से प्राप्त बैंक रिकॉर्ड की जांच की। इन रिकॉर्ड्स में साल 2011 से 2014 के बीच कई बार लाखों रुपये ट्रांसफर किए जाने की पुष्टि हुई है। जांच टीम ने जिन खातों से ये रकम भेजी गई है, उनमें से एक खाता 91…007066… नंबर से शुरू होता है। एसीबी को इस लेन-देन से जुड़े कैश ट्रांजैक्शन के सबूत भी मिले हैं।
लेन-देन से जुड़े दस्तावेज मिलने के बाद एसीबी अब शीपीज त्रिवेदी और उनकी पत्नी प्रियंका त्रिवेदी को जल्द पूछताछ के लिए बुला सकती है। सूत्रों के अनुसार, यह जांच अब परिवार के अन्य सदस्यों और उनसे जुड़े कारोबारी रिश्तों तक पहुंचने की संभावना दिखा रही है।
एसीबी जोड़ रही है पूरा रिश्ता
दरअसल, एसीबी को इससे पहले भी यह जानकारी मिली थी कि विनय सिंह की कंपनी नेक्सजेन से विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता को करोड़ों रुपये कंसल्टेंसी फीस के नाम पर दिए गए थे। लेकिन जांच में यह बात भी सामने आई कि कंपनी और स्वप्ना संचिता के बीच किसी प्रकार का लिखित कंसल्टेंसी अनुबंध (Contract) कभी हुआ ही नहीं था।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, जांच का यह चरण बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि अब जांच एजेंसी पैसों के लेन-देन के पूरा नेटवर्क ट्रेस कर रही है। जल्द ही एसीबी विनय चौबे और उनके परिजनों से जुड़े संपत्तियों, निवेश और शेयर लेन-देन की भी जांच करेगी। अगर इन खातों में गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो एजेंसी धनशोधन (Money Laundering) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून (Prevention of Corruption Act) के तहत केस को और मजबूत कर सकती है।
एसीबी की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और अब मामला केवल विनय चौबे तक सीमित नहीं रहा। जांच एजेंसी के पास जो नए सबूत आए हैं, उनसे परिवार और कारोबारी नेटवर्क के बीच गहरे रिश्तों का खुलासा हुआ है। आने वाले दिनों में शीपीज त्रिवेदी और प्रियंका त्रिवेदी की पूछताछ से इस घोटाले के कई और राज खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।


