न्यूज डेस्क : झारखंड की जांच एजेंसी एसीबी ने हजारीबाग में साल 2010 में सेवायत भूमि घोटाला से जुड़े मामले में अपनी जांच के बाद आरोपितों के खिलाफ एसीबी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट में हजारीबाग के पूर्व डीसी व जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे का भी नाम शामिल है, साथ ही इस मामले में सहयोगियों के रूप में नेक्सजेन के मालिक विनय सिंह समेत कई अन्य आरोपियों की जानकारी एसीबी ने कोर्ट में सौंपी है. चार्जशीट में एसीबी ने कई साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए कई अहम खुलासे भी किए हैं.
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सौंपे गए चार्जशीट के मुताबिक हजारीबाग में हुआ यह घोटाला 2.75 एकड़ खासमहल भूमि से संबंधित है, जिसे 1948 में 30 वर्षों के लिए एक ट्रस्ट ‘सेवायत’ को लीज पर दिया गया था. 1978 में लीज खत्म होने के बाद एक बार फिर से 30 सालों के लिए यानी 2008 तक के लिए इसका नवीनीकरण किया गया. आरोप है कि 2008 से 2010 के बीच एक सुनियोजित प्रशासनिक षड्यंत्र के तहत इस भूमि को सरकारी भूमि घोषित कर 23 निजी व्यक्तियों को अवैध रूप से आवंटित कर दिया गया.
जानबूझकर षडयंत्र करने का आरोप
कहा जा रहा है कि इस षड्यंत्र के केंद्र में तत्कालीन डीसी विनय कुमार चौबे थे. उन पर आरोप है कि उन्होंने खासमहल पदाधिकारी के साथ मिलकर लीज नवीनीकरण के लिए दिए गए आवेदन से “सेवायत” शब्द जानबूझकर हटवाया ताकि ट्रस्ट की भूमि को सरकारी दिखाया जा सके और उसका अवैध हस्तांतरण संभव हो सके. इस मामले में एसीबी ने विनय चौबे समेत अन्य पर मामला दर्ज करते हुए कांड संख्या 9/2025 दर्ज की थी, जिसके बाद अब कोर्ट में चार्जशीट सौंपा गया है.
कांड संख्या 11/2025 में बने आरोपी
एसीबी ने हजारीबाग खासमहाल जमीन घोटाला मामले में आरोपी पूर्व डीसी विनय कुमार चौबे को अब वन भूमि घोटाला में भी अभियुक्त बनाया है, जिसे लेकर कहा जा रहा है कि यह घोटाला उनके कार्यकाल में ही हुआ था. जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के खिलाफ एसीबी ने यह तीसरा मामला दर्ज किया है. इससे पहले वह कथित शराब घोटाला में भी आरोपी हैं. एसीबी ने इस मामले में रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया है, जिसपर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है.
एसीबी ने इस मामले की प्राथमिक जांच (प्रीलिमिनरी इंक्वायरी) पहले ही कर ली थी. जिसके बाद रांची एसीबी ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज की है. एसीबी ने इस केस में विनय चौबे के करीबी और कांड संख्या 9/2025 के आरोपी व जेल में बंद नेक्सजेन के आरोपी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग के बीजेपी विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन सीओ शैलेश कुमार और ब्रोकर विजय सिंह समेत 73 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है. अब तक की जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर ही एसीबी ने विनय चौबे को इसमें आरोपी बनाया है.
विनय सिंह और उनकी पत्नी के नाम जमीन
ACB के मुताबिक, जिस भूमि को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है, वह विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह के नाम है और उन्हें यह भूमि दिलवाने और उसका म्यूटेशन करवाने में तत्कालीन डीसी विनय चौबे और अंचल अधिकरियों समेत वहां के ब्रोकरों की भी बड़ी भूमिका थी. यह भूमि हजारीबाग के सदर अंचल के थाना नंबर 252 में स्थित है.
जिसका खाता नंबर 95, प्लाट नंबर 1055, 1060 और 848 जिसका कुल रकबा 28 डिसमिल एवं खाता नंबर 73, प्लाट नंबर 812 का रकबा 72 डिसमिल है. यह भूमि सदर अंचल के बभनवे मौजा के हल्का 11 में स्थित है. उक्त खाता प्लाट की भूमि पर विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह का दखल कब्जा है और फिलहाल इसपर नेक्सजेन का शोरूम संचालित है.


