पटना: बिहार की राजधानी पटना के मसौढ़ी इलाके में गुरुवार की सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक कुख्यात अपराधी घायल होने और गिरफ्तार होने का मामला सामने आया है। गिरफ्तार किए गए बदमाश की पहचान लातेहार (झारखंड) निवासी परमानंद यादव के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर कुख्यात राहुल सिंह गैंग से जुड़ा बताया जाता है, जिसका सीधा संबंध अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से भी जोड़ा जा रहा है।
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मुठभेड़ कैसे हुई?
घटना NH-83 के पास मसौढ़ी थाना क्षेत्र के लालाबीगहा के पास सुबह उस समय शुरू हुई, जब पुलिस गश्त के दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रुकने का इशारा किया। उस परमानंद यादव ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की और फिर पीछे मुड़कर पुलिस को गोली चलाना शुरू कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने नियंत्रित फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी और वह बाइक समेत सड़क पर गिर गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार परमानंद यादव झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा का रहने वाला है और वह पहले से पुलिस की नजर में था। पिछले कुछ महीनों पहले लातेहार पुलिस के दौरे में उसके घर पर भी कुर्की और जब्ती की कार्रवाई की गई थी।
आपराधिक पृष्ठभूमि और गैंग कनेक्शन
पुलिस ने बताया है कि परमानंद यादव पर हत्या, लूट, रंगदारी और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में 20 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह शुरुआत से ही स्थानीय नहीं बल्कि बड़े गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ा रहा है। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि वह पहले विदेश यात्रा भी कर चुका है, जिससे उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी अब पड़ताल की जा रही है। विशेष रूप से, परमानंद का नाम लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ जुड़े एक साथी के रूप में लिया जा रहा है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग को भारत भर के कई गंभीर अपराधों से जोड़कर देखा जाता है, और इसके कई सदस्य कई राज्यों में सक्रिय हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने आरोपी से एक 9 mm पिस्टल सहित हथियार बरामद किए हैं और आसपास के इलाकों में गैंग के अन्य सहयोगियों की तलाश तेज कर दी है। फिलहाल परमानंद यादव को सरकारी अस्पताल में इलाज के बाद कानूनी कार्रवाई के लिए थाने ले जाया गया है और उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच को और आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यह मुठभेड़ और गिरफ्तारी राज्य में चल रही गैंगस्टर गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आगे भी गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों की खोज और गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमें सक्रिय हैं।


