धनबाद: झारखंड के जंगलों से निकलकर हाथियों का झुंड अब रेलवे पटरियों पर अपना हक जता रहा है। सोमवार शाम पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद रेल मंडल में जब महुआमिलान और निद्रा स्टेशन के बीच हाथियों का एक विशाल झुंड रेलवे ट्रैक पर आकर जम गया जिसके बाद घंटों के इंतज़ार के बाद रात को वो ट्रैक से हटे। सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे प्रशासन को तत्काल कदम उठाते हुए इस रूट की करीब 9 महत्वपूर्ण ट्रेनों का मार्ग बदलना पड़ा।
Highlights:
पटरियों पर घंटों टहलते रहे हाथी
मिली जानकारी के अनुसार, हाथियों का झुंड धनबाद-डालटनगंज लाइन पर महुआमिलान और निद्रा स्टेशनों के बीच अचानक ट्रैक पर आ गया। लोको पायलटों की सतर्कता और रेल प्रशासन की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। हाथी काफी देर तक पटरियों के बीच ही चहलकदमी करते रहे, जिसके कारण रेल यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सुरक्षा कारणों से ट्रेनों को नजदीकी स्टेशनों पर ही रोक दिया गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इन ट्रेनों के बदले गए रास्ते
11448- हावड़ा-जबलपुर शक्तिपुंज एक्सप्रेस, 12877- रांची नई दिल्ली गरीब रथ एक्सप्रेस, 13347- बरकाकाना पटना पलामू एक्सप्रेस, 18635 रांची सासाराम एक्सप्रेस, 18611- रांची वाराणसी एक्सप्रेस, 18309 संबलपुर जम्मूतवी एक्सप्रेस, 18524- बनारस विशाखापट्टनम एक्सप्रेस, 21894- पटना टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस और 13348 पटना बरकाकाना पलामू एक्सप्रेस। इनमें से कुछ ट्रेनों को बरकाकाना–हजारीबाग टाउन–कोडरमा–गया रूट से चलाया गया, जबकि कुछ को गढ़वा रोड–गया–गोमो–बोकारो–मूरी के रास्ते भेजा गया।
इंसानों और हाथियों के बीच बढ़ता संघर्ष
झारखंड में यह संकट केवल रेल पटरियों तक सीमित नहीं है। राज्य में मैन-एनिमल कॉन्फ्लिक्ट (Man-Animal Conflict) अब एक भयावह रूप ले चुका है। आँकड़ों के मुताबिक, पिछले एक महीने में ही हाथी के हमलों में 36 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
रेलवे की ओर से अधिकारियों ने कहा कि रैलवज़ी के लिए यात्रियों और वन्यजीवों, दोनों की सुरक्षा सर्वोपरि है। हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही हमने ऑपरेशन रोक दिया था। वर्तमान में स्थिति सामान्य है और ट्रेनें अपने निर्धारित समय और रूट पर लौट रही हैं।
क्या है समाधान?
जानकारों का मानना है कि जंगलों की कटाई और हाथियों के पुराने रास्तों (Corridors) में बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। रेलवे अब संवेदनशील इलाकों में AI-आधारित सेंसर और एलिफेंट अंडरपास बनाने पर विचार कर रहा है ताकि भविष्य में गजराज और ‘लोहपथगामिनी’ के बीच यह टकराव कम किया जा सके।


