धनबाद : जिले में दुर्गापूजा की महासप्तमी पर शनिवार को मां बेलभरनी यानी बेलवरण अनुष्ठान और नवपत्रिका प्रवेश की पारंपरिक रस्म श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर जिले की विभिन्न दुर्गापूजा समितियों की ओर से मां बेलभरनी का भव्य जुलूस निकाला गया। ढाक-नगाड़ों की गूंज और जयकारों के बीच निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे कोयलांचल में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।
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महासप्तमी के पावन अवसर पर धनबाद शहर से लेकर झरिया, कतरास और निरसा तक मां बेलभरनी की पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न पूजा पंडालों और मंदिरों से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ जुलूस निकाला गया। श्रद्धालु मां बेलभरनी को लेकर नदी और तालाबों तक पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई।

धनबाद शहर के बेकारबांध और पंपू तालाब, झरिया के राजा तालाब और दामोदर नदी, कतरास की कतरी नदी तथा निरसा और ठंडी क्षेत्र में बराकर नदी सहित विभिन्न जलाशयों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। ढाक-नगाड़ों की थाप और मां दुर्गा के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
बेलवरण अनुष्ठान और नवपत्रिका प्रवेश दुर्गापूजा की महत्वपूर्ण पारंपरिक रस्मों में शामिल हैं। महासप्तमी पर इन अनुष्ठानों के साथ पूजा की विधिवत शुरुआत हुई। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस आयोजन ने क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
जुलूस के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल और शांति समिति के सदस्य भी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मां बेलभरनी का जुलूस और पूजा-अर्चना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

