धनबाद: धनबाद में करोड़ों रुपये की मशीन चोरी के मामले में बड़ा विवाद सामने आया है। पूर्व विधायक और मेयर प्रत्याशी संजीव सिंह के भाई मनीष सिंह पर FIR दर्ज होने के बावजूद अब तक पुलिस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित कंपनी ने न्याय के लिए कोर्ट की शरण ली है।
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क्यों नहीं हुई गिरफ्तारी
संजीव सिंह के भाई मनीष सिंह पर 14 नवंबर को करोड़ों रुपये की मशीन चोरी का मामला दर्ज हुआ। FIR में कई गंभीर और गैरजमानती धाराएं शामिल हैं। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने अब तक उनसे पूछताछ तक नहीं की और न ही गिरफ्तारी की कोई कार्रवाई हुई। सांई श्री इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के CEO मंथेना राजा गोपाला राजू ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कंपनी का आरोप है कि मनीष सिंह और उनके सहयोगियों ने मशीनरी चोरी कर ली, कुछ मशीनों को काटकर बेच दिया और कुछ का इस्तेमाल अवैध खनन में किया।
कब और कैसे हुई चोरी
कंपनी के अनुसार, 2017 में झरिया इलाके में काम बंद होने के बाद मशीनें चोरी हो गईं। 2021 में भूली थाना क्षेत्र में कुछ मशीनें मिलीं, जिनके इंजन और चेसिस नंबर से छेड़छाड़ की गई थी और कई मशीनों को गैस कटर से काटा गया था। कंपनी के CEO का कहना है कि जब वे मशीन देखने पहुंचे तो कुछ लोगों ने खुद को मशीनों का कस्टोडियन बताते हुए उन्हें और कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी। बाद में हथियारबंद लोगों ने कंपनी के कैंप से मशीनें जबरन ले जाने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
कंपनी का कहना है कि इतनी गंभीर धाराओं के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे कंपनी के लोग डरे हुए हैं और उन्हें न्याय के लिए अदालत का सहारा लेना पड़ा। इस मामले में अभी तक पुलिस या मनीष सिंह की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। करोड़ों की मशीन चोरी के इस मामले ने धनबाद में कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर अदालत की कार्रवाई और पुलिस जांच पर टिकी है।


