धनबाद: धनबाद में पदस्थापित और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले सीआईएसएफ जवान परमवीर यादव की हत्या के मामले में एक बड़ा और सनसनीखेज खुलासा हुआ है. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश करते हुए धनबाद के न्यू बिशनपुर (हनुमान मंदिर के पास) रहने वाले कैब चालक सुनील यादव को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी सुनील यादव भी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का रहने वाला है.
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीआईएसएफ जवान परमवीर यादव गत चार अक्टूबर को धनबाद से अपनी छुट्टी पूरी कर गोरखपुर स्थित अपने पैतृक घर लौट रहे थे. घर जाने के लिए उन्होंने धनबाद के न्यू बिशनपुर निवासी कैब चालक सुनील यादव की गाड़ी बुक की थी। यात्रा के लिए कुल 14,000 रुपए का किराया तय हुआ था, जिसमें से 7,800 रुपए अग्रिम (एडवांस) के रूप में दिए जा चुके थे. बाकी बची हुई रकम गोरखपुर घर पहुंचने पर भुगतान किए जाने की बात तय हुई थी.
पुलिस की जांच और सूचना के मुताबिक, जब कैब उत्तर प्रदेश के गीडा थाना क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी रास्ते में किराए के बकाए रुपयों को लेकर चालक और जवान के बीच किसी बात पर तीखा विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर कैब चालक सुनील यादव ने गाड़ी में रखे ईंट से जवान परमवीर यादव पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
घटना के दो दिन बाद यानी छह अक्टूबर को यूपी के गीडा थाना क्षेत्र में सीआईएसएफ जवान का शव बरामद हुआ था. मृतक की जेब से मिले सीआईएसएफ के पहचान पत्र के आधार पर उनकी शिनाख्त की गई. घटना के बाद मृतक की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की गंभीरता से जांच शुरू की. तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल्स की जांच के दौरान कैब चालक सुनील यादव की संलिप्तता सामने आई. इसके बाद यूपी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धनबाद पहुंचकर आरोपी कैब चालक को धर दबोचा. पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है.

