झारखंड : IAS विनय चौबे के हजारीबाग DC रहते हुए वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री और नियमविरुद्ध म्यूटेशन से जुड़े मामले में जांच तेज हो गई है। ACB (अंटी करप्शन ब्यूरो) ने मामले की नामजद आरोपी स्निग्धा सिंह को तीसरे समन के बावजूद भी एजेंसी के सामने हाजिर नहीं होने पर कड़ा रुख अपनाया है।
Highlights:
तीसरे समन पर भी नहीं हुईं हाजिर
ACB ने स्निग्धा सिंह को इस केस में पूछताछ के लिए तीन बार समन भेजा है, लेकिन अब तक वह एजेंसी के सामने एक बार भी हाजिर नहीं हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक, छठ पूजा के बाद ACB अदालत में उनके खिलाफ वारंट जारी करने के लिए आवेदन दे सकती है। स्निग्धा सिंह ACB की कांड संख्या 11/2025 में नामजद आरोपी हैं।
जांच में शामिल भूमि का विवरण
यह भूमि हजारीबाग के सदर अंचल के थाना नंबर 252 में स्थित है।
खाता और प्लॉट विवरण:
- खाता नंबर 95, प्लॉट नंबर 1055, 1060 और 848 – कुल रकबा 28 डिसमिल
- खाता नंबर 73, प्लॉट नंबर 812 – रकबा 72 डिसमिल
भूमि सदर अंचल के बभनवे मौजा, हल्का 11 में स्थित है। फिलहाल इस भूमि पर नेक्सजेन का शोरूम संचालित है। ACB के अनुसार, जिस भूमि को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है, वह विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह के नाम है।
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पिछली गिरफ्तारी और जांच की प्रगति
अब तक इस केस में ACB ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है-
- विनय चौबे के करीबी ऑटोमोबाइल कारोबारी : विनय सिंह
- हजारीबाग के लैंड ब्रोकर : विजय सिंह
- तत्कालीन सदर अंचल अधिकारी : शैलेश कुमार
जांच अधिकारी बताते हैं कि मामले में अब स्निग्धा सिंह के खिलाफ वारंट जारी होने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सदर अंचल की इस अवैध भूमि मामले में ACB की कार्रवाई लगातार जारी है। एजेंसी की नजर अब स्निग्धा सिंह पर है, और उनकी गैरमौजूदगी के कारण कानूनी प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जल्द ही अदालत से वारंट लेने की तैयारी की जा रही है। यह मामला हजारीबाग प्रशासन और वन भूमि के नियमों के उल्लंघन से संबंधित है और इसे लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा है।

