पंजाब : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के DIG और 2009 बैच के IPS अधिकारी हरचरण सिंह भुल्लर को सस्पेंड कर दिया है। हरचरण सिंह भुल्लर पिछले दिनों रिश्वत के एक मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं. केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने पिछले हफ्ते उन्हें 5 लाख रूपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था. चलिए पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं। हरचरण सिंह भुल्लर जो वर्तमान में DIG रोपड़ के पद पर पदस्थापित थे, इसमें हैरानी यह है कि जिस अफसर पर कानून की रक्षा की जिम्मेदारी थी, वही अगर रिश्वत के जाल में फंस जाए तो आम जनता किस पर भरोसा करे।
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क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला तब सामने आया जब एक व्यापारी ने सीबीआई में शिकायत की कि डीआईजी भुल्लर उससे हर महीने पैसे मांग रहे हैं। व्यापारी का कहना था कि एक पुराने केस को निपटाने के नाम पर भुल्लर ने उससे रिश्वत की मांग की है। CBI ने व्यापारी के शिकायत की जांच की और इस मामले में जब अहम सबूत मिले तो 16 अक्टूबर को डीआईजी भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब उनके घर और फार्महाउस पर छापे मारे गए, तो वहां जो कुछ मिला उसने सबको चौंका दिया।

भुल्लर के घर से क्या-क्या बरामद हुए?
भुल्लर के घर से करीब साढ़े सात करोड़ रुपये नकद, ढाई किलो सोने के गहने, 26 से ज्यादा महंगी घड़ियां, कई मोबाइल फोन और 50 से अधिक संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए। लुधियाना के समराला इलाके में उनके फार्महाउस से 108 शराब की बोतलें, कुछ कारतूस और नकदी भी मिली। इतनी बड़ी रकम और सोना देखकर CBI अधिकारियों को भी हैरानी हुई। उनका कहना है कि किसी पुलिस अधिकारी की वैध आमदनी से इतनी संपत्ति जुटाना असंभव है। अब यह जांच चल रही है कि यह पैसा कहां से आया और किस-किस के जरिए इकट्ठा किया गया।
पिता भी रहे हैं पंजाब के DGP
हरचरण सिंह 2009 बैच के IPS अफसर हैं। उनके पिता एम. एस. भुल्लर पंजाब के DGP रह चुके हैं। यानी उनका परिवार लंबे समय से पुलिस सेवा से जुड़ा रहा है। ऐसे परिवार के अफसर पर रिश्वत का आरोप लगना बेहद शर्मनाक माना जा रहा है। जब कानून की रखवाली करने वाले ही गलत रास्ता चुन लें, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा।
विपक्ष का हमला, AAP ने दी सफाई
इस पूरे मामले ने राजनीति में भी हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने AAP की सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की चुप्पी दिखाती है कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर नहीं है। वहीं, AAP ने कहा है कि दोषी चाहे कितना भी बड़ा अफसर क्यों न हो, उसे सजा जरूर मिलेगी।
CBI की जांच जारी
अब CBI इस मामले की पूरी गहराई से जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में लगी है कि भुल्लर ने यह पैसा कहां से जुटाया और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। उनके बैंक खाते, जमीन-जायदाद और बेनामी संपत्तियों की जांच चल रही है। अदालत ने फिलहाल उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सरकारी नियमों के अनुसार काम कैसे होता है, दरअसल अगर कोई सरकारी सेवा में कार्यरत अधिकारी 48 घंटे से ज्यादा हिरासत में रहता है, तो उसे अपने आप निलंबित कर दिया जाता है। सरकार ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, भुल्लर किसी सरकारी कार्य में भाग नहीं लेंगे। इस घटना ने पंजाब पुलिस की छवि को गहरा झटका दिया है। आम लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि जब इतने बड़े अफसर ही ईमानदार नहीं हैं, तो बाकी पुलिस पर भरोसा कैसे किया जाए।
सबक बाकी अधिकारियों के लिए भी
हरचरण सिंह भुल्लर का यह मामला दिखाता है कि भ्रष्टाचार अब सिर्फ नीचे के स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह ऊंचे पदों तक फैल गया है। लेकिन यह बात भी अच्छी है कि जांच एजेंसियां अब पहले से ज्यादा सक्रिय हैं और किसी की भी ताकत या ओहदा देखकर पीछे नहीं हट रहीं। जनता को उम्मीद है कि इस मामले में सच्चाई सामने आएगी और दोषी को सजा जरूर मिलेगी। यह घटना बाकी अधिकारियों के लिए भी एक सबक है कि चाहे पद कितना भी बड़ा हो, गलत काम एक न एक दिन सबके सामने जरूर आता है। इस मामले के सामने आने के बाद जनता में गुस्सा और निराशा दोनों है। लोगों का कहना है कि अगर इतने ऊंचे पद पर बैठे अधिकारी भी भ्रष्ट निकलें, तो जनता किस पर भरोसा करें।

